योनि के ढीलापन होने के कारण लक्षण और उपचार : Yoni Ke Dhilaon Hone Ke Karan Lakshan Aur Upchar

योनि ढीलापन के कारण व लक्षण

अप्राकृतिक व असुविधापूर्ण आसनों मे तेज गति से सहवास करने सहवास मे अति करने,  कृत्रिम साधनों से मैथुन करने तथा अति प्रसव करने से साथ साथ का शरीरिक कमजोर के कारण कई स्त्रियों का योनि मार्ग ढीला तथा अत्यधिक विस्तीर्ण हो जाता है। जिससे सहवास करते समय सुख व आनंद की प्राप्ति नहीं होती।

उपचार

माजूफल : माजूफल का चूर्ण 30 ग्राम तथा फिटकरी व कपूर 3 – 3 ग्राम मात्रा में पीसकर तीनों को मिला लें। इस चूर्ण को एक महीन मखमल के साफ सफेद कपड़े में रखकर छोटी सी पोटली बनाकर मजबूत धागे से बांध दें। यहां ध्यान रखें कि पोटली से बंधा धागा लंबा रहे ताकि धागे को खींचकर पोटली बाहर खींची जा सके। रात को सोते समय इस पोटली को पानी में डूबोकर गीला कर लें। एवं योनि मार्ग के अंदर तक सरका कर रख ले। तथा सुबह निकाल कर फेंक दें। यह प्रयोग कुछ दिनों तक करने से योनि तंग व सुदृढ़ हो जाएगी।

मैनफल, मुलहठी और माजूफल को अलग-अलग कूट पीसकर 50 – 50 ग्राम वजन में लेकर मिला ले। अब इसमें 25 ग्राम कपूर पीसकर मिला ले। अमलतास वृक्ष की छाल लाकर घर में रखे। छाल का एक टुकड़ा मोटा-मोटा कूटकर गिलास भर पानी में डालकर रात को रख दें। सुबह स्नान के समय मशल- छानकर इस पानी को योगी के भीतर डालकर अच्छी तरह धोएं। इसके पश्चात उपरोक्त चूर्ण की एक चम्मच मात्रा में थोड़ा शहद मिलाकर मोटा गाढ़ा लेप बनाकर योनि के अंदर अच्छी तरह से मल देंं। यह प्रयोग कुछ दिनों तक करने से योनि पहले सी तंग व मजबूत हो जाएगी।

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