विषदंश के उपचार : Vishadansh ke Upchar

जाने – अनजाने में कोई भी विषदंश का शिकार हो सकता है। सांप, बिच्छू, ततैया तथा अनेक प्रकार के कीटों व जंतुओं के दंश के कारण व्यक्ति की मौत भी हो सकती है। यहां कुछ सामान जानवरों व कीड़ों के काटने पर वांछित उपचार दिया जा रहा है।

उपचार

नींबू : रस में नमक मिलाकर मकड़ी, बर्र व मधुमक्खी के काटे स्थान पर लगाने से आराम मिलता है। खटमल व पिस्सू के काटने पर भी नींबू ही लगाया जाना चाहिए।

आम : चूहा, बंदर, पागल कुत्ता, मकड़ी, ततैया के काटने पर आम की गुठलियों को पानी में घिसकर दंंशित स्थान पर लगाने से काफी  आराम मिलता है।

अनार : बर्र के काटे स्थान पर अनार के पत्ते को पीसकर लगाने से लाभ होता है।

अखरोट : अखरोट खाने से भिलावे का विष दूर हो जाता हैं।

बेल : मधुमक्खी, ततैया व मच्छर आदि डंकवाले कीड़े के काटने पर पीड़ा होती है। इसे दूर करने के लिए बेल के पत्ते का रस निकालकर दंश वाले स्थान पर लगाएं। जब तक डंक की चुभन शांत नहीं हो जाती इस रस को लगाते रहे। बेल के पत्तों का रस डंक की पीड़ा दूर करने में बड़ा गुणकारी माना जाता है। इससे जलन व चुभन समाप्त हो जाती है।

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