उच्च रक्तचाप के कारण, लक्षण और उपचार : Uach Raktachap Ke Karan Lakshan Aur Upchar

उच्च रक्तचाप के कारण

स्थायी रक्तचाप की समस्या प्रमुखतः पुरुषों में होती है। यह एक सामान्य बीमारी है, जो उम्र के किसी भी पड़ाव में हो सकती है, फिर भी 30 वर्ष की उम्र के बाद ही इसके अधिक रोगी देखे गए हैं। उच्च रक्तचाप के कई कारण हो सकते हैं। जिसमें अत्यधिक थकान, धूम्रपान, मोटापा, व्यायाम न करना, शराब का अत्यधिक सेवन, भोजन से अधिक नमक प्रमुख हैं। गुर्दों के रोग, गर्भावस्था व एड्रिनल ग्रंथियो के विकार से भी उच्च रक्तचाप हो जाता है।

लक्षण

इसके प्रत्यक्ष लक्षण नहीं होते। इसमें रोगी को सिर दर्द, चक्कर आना व सांस लेने में कठिनाई होती है।

उपचार

आंवला : आंवले का मुरब्बा चांदी के वर्क के साथ खाने के बाद थोड़ा दूध पीकर आराम करने से लाभ होता है।

सूखे आंवले के चूर्ण मे समान मात्रा में मिश्री पीसकर मिला लें। इस चूर्ण को प्रतिदिन प्रातः काल खाएं या पानी के साथ पीएं।

तरबूज : तरबूज के बीजों में पाए जाने वाले तत्वों की वजह से गुर्दे की कई बीमारियां ठीक हो जाती हैं, जिनका हृदय पर अच्छा असर पड़ता है इससे उच्च रक्तचाप कम हो जाते हैं। इसके लिए तरबूज के बीजों को छाया में कुछ घंटों तक सूखाने दें। फिर उन्हें चूर्ण की तरह पीस लें। इसके पश्चात इस चूर्ण को गर्म उबलते हुए एक गिलास पानी में डालकर 1 घंटे तक भिगने दें। तत्पश्चात पानी को छान लें। छाने हुए पानी की चार खुराकें नित्य पीएं। इससे उच्च रक्तचाप ठीक हो जाता है।

तरबूज खाने से भी उच्च रक्तचाप ठीक हो जाता है। यहां ध्यान रखें कि तरबूज भोजन करते हुए बीच में या भोजन के 1 घंटे बाद खाना चाहिए।

गाजर : गाजर व पालक का रस क्रमशः 300 व 125 ग्राम मिलाकर पीने से उच्च रक्तचाप ठीक हो जाता है।

ककड़ी : बिना नमक डाले काकडी कच्ची ककड़ी खाने से व इसका रस पीने से रक्त उच्च रक्तचाप ठीक हो जाता है।

पपीता : सुबह के समय खाली पेट पका हुआ पपीता खाना चाहिए। यहां ध्यान रखें कि पपीता खाने के एक-दो घंटे तक कुछ नही खाएं। यह उपचार महीने भर तक करें।

मुनक्का : मुनक्का  में लहसुन की कली रखकर खाना उच्च रक्तचाप को ठीक कर देता है।

केला : केले में पाया जाने वाला पोटेशियम उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करता है।

सेव : दो सेव प्रतिदिन खाने से उच्च रक्तचाप नहीं होता। इसका नियमित सेवन उच्च रक्तचाप को खत्म कर देता हैं।

नीबू : नीबू में ऐसे गुण पाए जाते हैं जो रक्त वाहिनियों में लचक पैदा करते हैं। उच्च रक्तचाप के लिए नींबू संजीवनी का कार्य करता है। इसका सेवन नियमित करना चाहिए। इसके लिए नींबू की शिकंजी पिएंं या नींबू के रस को चूसें।

 

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