हल्दी के फायदे/ Turmeric Benefits in hindi

हल्दी को सुखाकर कूट पीसकर सब्जियों में मसाले के रूप में इस्तेमाल किया जाता है चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार हल्दी अपने गुणकारी रसायनिक तत्व के कारण औषधि के समान लाभदायक होती है हल्दी में रक्त को शुद्ध करने और शोध को नष्ट करने की प्रबल गुणकारी तत्व होते हैं अधिकांश परिवारों में सूखी हल्दी का इस्तेमाल किया जाता है कच्ची हल्दी भी बहुत गुणकारी होती है आयुर्वेद चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार हल्दी तिक्त, रक्तशोधक शोध नाशक और वायु विकारों को नष्ट करने वाली होती हैं हल्दी के सेवन से आत्रों में छिपे जीवाणु नष्ट होते हैं हल्दी को जल में उबालकर जानकर उस जल से ब्रड़ व फोड़े फुंसियों को धोने से लाभ होता है पूय के जीवाणु नष्ट होते है

वात पित्त कब के विकारों में हल्दी से लाभ होता है हल्दी की उत्पत्ति जमीन के भीतर जड़ के रूप में होती हैं जमीन के ऊपर हरे पौधे दिखाई देते हैं हल्दी के पौधे 2 फीट तक ऊंचे होते हैं इन पौधों से सुगंध निकलती है इनके पत्ते केले के पत्तों की तरह काफी चौड़े होते हैं कच्ची हल्दी को जल में उबालकर उनकी महक नष्ट करके सुखाकर हल्दी तैयार की जाती है सूखने पर हल्दी पीले रंग की हो जाती है हल्दी में वात नाशक गुणकारी तत्व होते हैं सब्जियों में हल्दी डालने से सब्जियों का रंग परिवर्तित होता है हल्दी के रस के सेवन से यकृत की क्रिया क्षमता विकसित होती है

गुणकारी औषधीय उपयोग

1. हल्दी को पीसकर मक्खन मिलाकर शरीर पर मलने से त्वचा में निखार आता है सौंदर्य विकसित होता है और त्वचा के रोग नष्ट होते है।

2. हल्के गर्म जल में हल्दी का थोड़ा सा चूर्ण मिलाकर कुल्ले करने से मुंह के छाले नष्ट होते हैं।

3. हल्दी का चूर्ण आंवले का रस 10 ग्राम और मधु मिलाकर प्रतिदिन सुबह शाम सेवन करने से खांसी का प्रकोप नष्ट होता है।

4.कच्ची हल्दी के रस का सेवन करने से आंत्रकृमि शीघ्रता से नष्ट होती है।

5. हल्दी के चूर्ण को जल में मिलाकर फोड़े फुंसियां और जख्म धोने से  बहुत लाभ होता है हल्दी का चूर्ण पूय के जीवाणुओं को नष्ट करता है इससे जख्म जल्दी ठीक होते हैं।

6. हल्दी के रस में मधु मिलाकर सेवन करने से वक्षस्थल में एकत्र कफ शीघ्रता से निष्कासित होता है और खांसी का प्रकोप नष्ट होता है।

7. हल्दी का रस प्रतिदिन सेवन करने से कुष्ठ रोग में बहुत लाभ होता है।

8. हल्दी का चूर्ण 3 ग्राम और सेंधा नमक 2 ग्राम मात्रा में मिलाकर हल्के गर्म जल से सेवन करने से उदर में एकत्र वायु शिघ्रता से निष्कासित होता है और उदरशूल नष्ट होता है।

9. उबले हुए दूध के साथ 2 से 3 ग्राम हल्दी का चूर्ण सेवन करने से जुकाम शीघ्र नष्ट होता है ।

10.हल्दी और मिश्री को पीसकर मधुमेह मिलाकर सेवन करने से शीतपित्त (छपाकी) की विकृति शीघ्र नष्ट होती हैं।

11. हल्दी का चूर्ण जल के साथ सेवन करने से मधुमेह रोग में बहुत जल्द लाभ होता है।

12.कच्ची हल्दी के रस में चुकंदर के पत्तों का रस मिलाकर सिर में लगाने से बाल उगने लगते हैं गंजेपन की विकृत नष्ट होती है बाल सुंदर और आकर्षक बनते हैं।

13.ग्वारपाठे (घृतकुमारी) गूदे के साथ हल्दी को पीसकर अर्श रोग मे अंकुरों(मस्सो) पर लेप करने से अंकुर शीघ्र नष्ट होते हैं।

14. हल्दी और मेथी के दानों का चूर्ण प्रातः काल जल के साथ सेवन करने से मधुमेह रोग में बहुत लाभ होता है।

15.घृतकुमारी (ग्वारपाठे ) के गूदे के साथ हल्दी को पीसकर स्थानों पर लेप करने से स्तनों का शोध नष्ट होता है

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