स्वस्थ सुन्दर संतान के उपचार : Svsth Sundar Santan Ke Upchar

स्वास्थ व सुंंदर संतान की आकांक्षा प्रत्येक स्त्री के मन में होती है किंतु स्वास्थ व सुंदर शिशु की प्राप्ति सहज नहीं है। इसके लिए गर्भ काल के समय अनेक उपचारों की आवश्यकता होती है। सुंदर संतान व गौरवर्णी शिशु की कामना करने वाले दंपतियों के लिए बहुत ही कारगर और प्रभावकारी नुस्खे यहां दिए जा रहे हैं किंतु एक शर्त है कि इन नुस्खे का सेवन गर्भवती को गर्भास्थापना से लेकर प्रसवकाल  के दिनों तक बिना नागा करना होगा।

उपचार

अंगूर : गर्भवती स्त्री को चाहिए कि नियमित रूप से 60 ग्राम की मात्रा में ताजा अंगूरों का रस दिन में दो बार पिएं। इस उपचार से गर्भस्थ शिशु स्वास्थ व बलवान बनता है तथा उनका रंग भी गोरा होता है।

संतरा : गर्भवती स्त्री को पहले महीने से आठवें महीने तक रोजाना दो संतरे दोपहर में खिलाने से बच्चा सुंदर व गौरवर्ण होता है।

नारियल : एक नारियल का पानी गर्भावस्था में नित्य पीते रहने से संतान सुंदर व गौरवर्ण की होती हैं।

कच्चे नारियल के नियमित सेवन से भी संतान गौरवर्ण होती है।

केला : गर्भकाल के दौरान केले के नियमित सेवन से सुंदर संतान प्राप्त होती है।

विशेष : इन उपायों के अलावा गर्भवती को गर्भकाल के दौरान ताजा मीठा दही, सोते समय मीठा दूध, दूध चावल की खीर आदि का नियमित रूप से सेवन करते रहने से भी सुंदर संतान की प्राप्ति होती है।

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