सफेद दाग के कारण, लक्षण और उपचार :Saphed Dag Ke Karan Lakshan Aur Upchar

इनकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि या यदि एक बार किसी को सफेद दाग हो जाए तो यह लगातार बढ़ता ही रहता है। जिसे व्यक्ति का सौंदर्य नष्ट होता ही है, उसे सामाजिक दृष्टि से भी हीनता की नजर से देखा जाता है।

कारण

सफेद दाग प्रायः परस्पर विरोधी भोजन खाने से होता है इसके अलावा धूप में अधिक रहने, खट्टे मीठे पदार्थों का अधिक सेवन तथा मल मूत्र के वेग को रोकने के कारण भी सफेद दाग हो जाते हैं।

लक्षण

प्रारंभ में त्वचा का रंग परिवर्तित होता है, फिर उसमें सुन्नता आता आ जाती है व धीरे-धीरे सारे शरीर में सफेद दाग दिखाई देने लग जाते हैं। त्वचा की चेतना पूर्णतः नष्ट हो जाती हैं।

उपचार

अखरोट : अखरोट में ऐसा विषैला पदार्थ होता है कि पेड़ के पास की मिट्टी भी काली हो जाती है। प्राकृतिक चिकित्सकों का मत है कि नित्य 1 अखरोट खाने से पांच – छः माह पश्चात सफेद दाग ठीक हो जाते हैं।

आंवला : आंवले को सुखाकर बनाए चूर्ण के सेवन से सफेद दाग में लाभ होता है।

नित्य आंवले के रस का सेवन या एक आंवले का मुरब्बा नित्य खाते रहने से सफेद दाग काफी हद तक ठीक हो जाते है।

केला : केले के सूखे पत्तों को आग में जल लें, फिर इस राख में मक्खन मिलाकर सफेद दागों पर आहिस्ता आहिस्ता मलें। दो या तीन सप्ताह तक नियमित यह उपचार करें, जरूर फर्क दिखेगा। यह प्रयोग दिन में तीन चार बार करें।

नीबू : सफेद दागों पर नींबू रगड़ने से भी लाभ होता देखा गया है। नियमित रूप से सफेद दागों पर नीबू रगड़ने से कुछ ही माह में सफेद दाग धीरे धीरे समाप्त होने लगते हैं व पीड़ित त्वचा स्वच्छ व सुंदर होने लगती हैं।

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