रतौंधी के कारण, लक्षण और उपचार : Rataidhi Ke Karan Lakshan Aur Upchar

रतौंधी के कारण व लक्षण

विटामिन ए की कमी से होने वाला यहां आंखों का प्रमुख रोग है। इस रोग से ग्रसित व्यक्ति को रात्रि के समय दिखाई देना बंद हो जाता है तथा रोगी की आंखों के सम्मुख काले पीले धब्बे आने लगते हैं। जिससे उसे काफी असुविधा होती है। यह रोग अधिक समय तक धूप में रहने तथा आहार में विटामिन ए की कमी से होता है।

उपचार

केला : केले के पत्तों का रस आंखों पर लगाने से रतौंधी दूर हो जाती है।

आम : प्रतिदिन एक आम सुबह-शाम खाएं। इससे शरीर में विटामिन ए की कमी पूरी होगी और रतौंधी में भी आराम मिलेगा।

आंवला : रतौंधी होने की स्थिति में प्रतिदिन एक आंवले का सेवन करें।

गाजर : रतौंधी के रोगियों के लिए गाजर अचूक औषधि है। अतः इसका नियमित सेवन करना चाहिए। यदि संभव हो सके तो सुबह शाम एक एक गिलास गाजर का रस जरूर पिएंं। इससे रतौंधी में काफी फायदा पहुंचेगा।

बेल : बेलपत्र के रस को पीने से तथा बेलपत्र के रस मिश्रित पानी से पुतलियों को धोते रहने से कुछ ही दिनों में चमत्कारी असर होता है।

सेव : प्रातः काल एक सेव नित्य चबा चबाकर खाने से काफी आराम मिलता है।

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