पीड़ारहित प्रसव के उपचार : Pidarahit Prsav Ke Upchar

पीड़ा रहित प्रसव होना असंभव है क्योंकि शिशु को जन्म देने के लिए योनि का विस्तार आवश्यक है और विस्तार पीड़ा हीन नहीं हो सकता। किंतु उचित आहार-विहार व व्यायामों के द्वारा प्रसव की पीड़ा में काफी हद तक कम किया जा सकता है, मांसपेशियों को इतना मजबूत बनाया जा सकता है कि प्रसव पीड़ा कम से कम हो। यहां दिए जा रहे उपचार के अलावा गर्भवती महिलाओं को चाहिए कि सुबह-शाम नियमित रूप से 2 घंटे पैदल घूमे।इससे प्रसव पीड़ा बहुत कम होगी।

उपचार

नींबू : यदि गर्भ धारण के चौथे माह से प्रसव काल तक गर्भवती स्त्री एक नींबू की शिकंजी नित्य पीए तो प्रसव के दौरान होने वाली पीड़ा में काफी कमी हो जाती है तथा प्रसव बिना कष्ट के संपन्न हो जाता है।

नारियल : नारियल का गोला और मिश्री को 25-25 ग्राम की मात्रा में मिलाकर नित्य खाएं। प्रसव सरलता से निर्विघ्न संपन्न हो जाएगा।

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