फुंसियां के कारण, लक्षण और उपचार : Phunsiya Ke Karan Lakshan Aur Upchar

फुंसियां के कारण

फुंंसियां एक सामान्य रोग है, जो किसी भी आयु के व्यक्ति को हो सकता है। शरीर में फुंसियां होने के कई कारण हैं – जिनमें दूषित भोजन का सेवन, शरीर पर दूषित जल का प्रभाव, गर्मी में अधिक कार्य करना, ज्यादा धूप में रहना, सर्दी गर्मी का प्रभाव व बरसात के गंदे पानी में स्नान प्रमुख हैं।

 लक्षण

इस रोग के प्रारंभ में त्वचा के किसी भी भाग में खुजली चलने लगती है व धीरे-धीरे वहां एक छोटी सी फुंसी  उभर आती हैं। इसके पश्चात सारे शरीर में फुंसियां निकलने लगती हैं। जब ये फुंसियां पक जाती हैं तो इनमेंं मवाद भर जाता है, दर्द होता है तथा तेज खुजली होती है।

उपचार

अनन्नास : अनन्नास के गूदे को फुंसियों पर लगाने से काफी लाभ होता है। इसका रस पीने से भी फायदा मिलता है।

इमली : त्वचा पर फुंसियां होने पर 30 ग्राम इमली को एक गिलास पानी में मथकर पीने से लाभ होता है।

आंखों की पलकों में छोटी फुंसी हो जाने पर इमली के बीज की गिरी को चंदन की तरह घिसकर लगाने से आराम मिलता है।

बेर : फुंसियां होने पर उन पर बेर का गूदा लगाने से आराम मिलता है। यदि फुंसियां नाक पर के भीतर हैं तो बेर के गूदे को सूंघने से भी आराम मिलता है।

आंवला : सूखे आंवले को जलाकर व पीसकर इसमें शुद्ध घी मिला लें। इसे मलहम की तरह फोड़े – फुंसियों पर लगाएं।

नींबू : नीबू के रस को फोड़े फुंसियों पर लगाने से लाभ होता है।

प्रातः नहाते समय पानी में दो नींबू निचोड़ कर नहाने से भी फुंसियां समाप्त हो जाती हैं।

फुंसियां होने पर नित्य नींबू का रस पीना चाहिए।

गाजर : गाजर को बारीक पीसकर गर्म कर लें तथा फुंसियों पर बांध दे। तुरंत लाभ होगा।

अमरूद : त्वचा पर कोई फुंसी हो जाए तो 4 सप्ताह तक नित्य दोपहर के समय 250 ग्राम अमरूद खाएं। इससे शरीर की बढ़ी हुई गर्मी शांत होगी तथा रक्त साफ होगा। जिससे फोड़े फुंसियां ठीक हो जाएंगे।

अखरोट : यदि फुंसियां अधिक निकली हों तो प्रातः पांच अखरोट रोज खाएं। इससे लाभ होगा।

नारियल : 10 ग्राम कपूर को लगभग 100 ग्राम नारियल के तेल में मिलाकर फोड़ेे फुुंंसियां पर लगाने से काफी लाभ होता हैं। संभव हो तो नारियल के तेल में थोड़ा गरम करने के पश्चात ही कपूर मिलाएं।

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