पेट संबंधी अन्य रोग के कारण, लक्षण और उपचार : Pet Sambandhi Anya Rog Ke Karan Lakshan Aur Upchar

पेट संबंधी रोग के उपचार

आमाशय का दर्द : आम की भुनी गुठली की गिरी का चूर्ण बनाकर खाने से आंतों का ढीलापन दूर हो जाता हैं व आमाशय का दर्द समाप्त हो जाता हैं।

तिल्ली व जिगर की खराबी : खूब पके आम का रस शुद्ध️️️️️️️️️️️️️ शहद मे मिलाकर पीने से बढ़ी हुई तिल्ली ठीक हो जाती हैं व जिगर मे भी आराम मिलता हैं। 

आंवयुक्त पेचिश : पके हुए 2 केले को 125 ग्राम दही के साथ कुछ दिनों तक खाने से आंतों की खराबी ठीक हो जाती हैं व आंवयुक्त पेचिश आना बंद हो जाता हैं।

प्यास अधिक लगना : किसी भी कारण से उत्पन्न किसी भी प्रकार की प्यास हो कागजी नींबू चूसने व उसकी शिकंजी पीने से तुरंत दूर हो जाती हैं।

खूनी दस्त : 5 – 5 ग्राम बेल की कचरी और सूखा धनिया व 10 ग्राम मिश्री लेकर पीस लें। पानी के साथ इसकी 3 मात्राएं बनाकर सुबह दोपहर शाम को लें। खूनी दस्त अवश्य रुक जाएंंगे।

बेल को भूनकर उसका गूदा निकालकर उसमें मिश्री मिलाकर 10 – 10 ग्राम मात्रा में दिन में 2 बार सेवन करें। इससे खूनी दस्त का प्रभावकारी इलाज हो जाएगा। 

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