पेट में कीड़े के कारण, लक्षण और उपचार : Pet Me Kide Ke Karan Lakshan Aur Upchar

पेट में कीड़े के कारण व लक्षण

कई बार बिना चबाए खाना खाने, मीठे पदार्थ के ज्यादा सेवन, कब्ज रहने तथा आहार विहार पर पर्याप्त ध्यान न देने के कारण आंतों में कीड़े पड़ जाते है।यह कीड़े पतले व बेहद छोटे होते हैं, जो पेट की आंतों से पोषण प्राप्त कर अपनी वंशवृद्धि करते रहते है। इन कीड़ों की गर्दिश से पेट में सुइयां चुभने जैसा अहसास होता हैं। यह कीड़े मल द्वारा बाहर निकलते रहते है।

उपचार

आडू : आडू के पत्तों का रस थोड़ी सी मात्रा में काढा़ बनाकर या फिर वैसे ही पिलाएं। कीड़े तत्काल मर जाएंगा।

नींबू : नींबू के बीजों को पीसकर चूर्ण बना लें। तथा एक चुटकी चूर्ण रात को सोते समय थोड़े से दूध में एक दो चम्मच अरंडी का तेल मिलाकर पीने से पेट में कीड़े एक-दो दिन में ही समाप्त हो जाते हैं।

सेव : पेट में कीड़े होने पर सेव खाने से लाभ होता है।

पपीता : पपीते के बीच पानी में पीसकर पीएं। इसके साथ ही रात को सोते समय थोड़े से दूध में अरंडी का तेल मिलाकर लें। इससे 2 या 3 दिन में पेट के कीड़े समाप्त हो जाएंगे।

अनार : अनार के छिलकों को चूर्ण की तरह पीसकर उसमें थोड़ा दही व नमक मिलाकर पीने सेे पेट के कीड़े समाप्त हो जाते हैं।

शहतूत : शहतूत का यदि नियमित सेवन किया जाए तो पेट में कीड़े की समस्या पैदा नहीं होती। यदि पेट में कीड़े उत्पन्न न हो जाए तो शहतूत का सेवन काफी लाभप्रद रहता हैं।

गाजर : 1 सप्ताह तक कच्ची गाजर खाने से पेट के कीड़े बाहर निकल आते हैं।

आम : आम की गुठलियों का चूर्ण गर्म पानी के साथ एक चौथाई चम्मच देने से पेट के कीड़े मर जाते हैं।

आंगला: एक ताजा आंवले का रस 5 दिन तक, नित्य पीने से पेट के कीड़े मर जाते हैं।

अनन्नास: पेट में कीड़े होने पर अनन्नास का सेवन लाभप्रद रहता हैं।

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