पेट में कीड़े के कारण लक्षण और उपचार : Pet Me Kide Ke Karan Lakshan Aur Upchar

पेट में कीड़े के कारण

गंदी मिट्टी में खेलने, मिट्टी खाने, फल व सब्जियों द्वारा बच्चों के पेट में कीड़े व कृमि पहुंच जाते हैं जो उनकी आंतों में वंश वृद्धि करके जीवित रहते हैं। कई बार ज्यादा मीठे पदार्थों के सेवन से भी पेट में कीड़े हो जाते हैं।

लक्षण

चुनचुने, केंचुए, राउंड वर्म, टेप वर्म व अन्य अनेक कीड़े बच्चों के पेट में होते हैं। जब ये काटते हैं तो बच्चे को गुदा मे तेज खुजली होती है। शरीर पीला पड़ने लगता है, बेचैनी बढ़ जाती है, निढाल हो जाता है तथा स्वभाव चिड़चिड़ा हो जाता है।

उपचार

नारियल : बच्चों को नारियल का पानी पिलाने तथा कच्चा नारियल खिलाने से पेट के कीड़े मर जाते हैं। इसी प्रकार नारियल का गूद चबाकर खाने व इसके 3 घंटे बाद 200 ग्राम दूध में दो चम्मच अरंडी का तेल मिलाकर पिलाएं। इससे बच्चों के पेट के कीड़े मल के साथ बाहर निकल जाते हैं।

अनार : अनार के रस का नित्य प्रयोग करते रहने से बच्चों के पेट के कीड़े आसानी से नष्ट हो जाते हैं।

ईसबगोल : पेचिश मे कीड़े निकलते हो तो ईसबगोल का उपयोग सहायक सिद्ध होता है। ईसबगोल की भूसी के साथ भुनी हुई सौंफ का चूर्ण मिलाकर खिलाएं। इससे बच्चों का पेट साफ हो जाएगा व कीड़े भी निकल जाएंगे।

अरंडी ककड़ी : अरंडी ककड़ी का एक चम्मच दूध प्रातः पीने से पेट के कीड़े नष्ट हो जाते हैं। यह बच्चों के लिए उत्तम औषधि है।

नीबू : आधे नींबू को काटकर उसमें काला नमक और काली मिर्च डालकर गरम करके बच्चे को चुसाएं। इससे पेट के कीड़े से नष्ट हो जाते हैं।

शहतूत : शहतूत व खट्टे अनार के छिलकों को पानी में उबालकर पिलाने से कीड़े का अंत हो जाता है।

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