पेट में गैस बनने के कारण लक्षण और उपचार : Pet Me Gaisa Banne Ke Karan Lakshan Aur Upchar

पेट में गैस बनाने के कारण व लक्षण

यह हानि रहीरहित समस्या है, जो ज्यादातर मामलों में प्याज, अंडे, बेसन, रेशेदार, पदार्थ, अधिक प्रोटीन व वसायुक्त भोजन के सेवन से उत्पन्न होती है। कभी-कभी पेट में अल्सर, अपच, पेट में संक्रमण, हर्निया तथा अन्य कारणों से भी यह समस्या हो जाती है। इस रोग में ठंडा व रूख- सूखा नहीं खाना चाहिए। गुदा द्वार से रह रहकर वायु निकलना इस रोग का एकमात्र लक्षण है।

उपचार

नारंगी : इसके सेवन से गैस की समस्या समाप्त हो जाती है। इसके लिए सुबह एक गिलास नारंगी का रस पीएं।

केला : देशी घी के साथ केला खाने से गैस की अधिकता दूर हो जाती है।

सेव : सेव के गूूदेे मेेंं यह विशेषता रहती है कि वह पेट की आंतों तथा पर पाचक अंगों पर हल्की सी परत बनाकर उसके लिए ढाल की तरह कार्य करता है. इससे पाचन कार्य में सक्रिय अंग भोजन के बचे हुए अंशों के कारण सड़ने से बचे रहते हैं। व गैस नहीं बनती।

अमरुद : अमरुद खाने से गैस दूर होती है। अमरुद को काटकर सेंधा नमक के साथ खाएं।

अंंजीर : अंंजीर के बीजों के सेवन से पेट साफ रहता है तथा हमेशा बनी रहने वाली गैस भी खत्म हो जाती है।

जयाफल : जायफल को नींबू के रस में घिसकर चाटने से गैस दूर हो जाती है।

जयाफल को घिसकर उसमें सोंठ मिलाकर पीने से पेट की वायु दूर हो जाती है।

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