पुदीने के फायदे /Peppermint benefits in hindi

चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार पुदीना स्वादिष्ट पाचन में भारी स्निग्ध कृमि को नष्ट करने वाला और भूख को बढ़ाने वाला होता है पुदीने के सेवन से हृदय को बहुत लाभ होता है आंत्रशोथ में भी पुदीने का रस बहुत लाभदायक होता है अपन वुमन पेचिश प्रवाहिका और अतिसार में पुदीना औषधि के रूप में लाभकारी है पुदीने के सेवन से कफ विकार नष्ट होते हैं पुदीने का रस प्याज का रस और नींबू का रस मिलाकर पीने से खोजे की वितरित नष्ट होती है पुदीने का रस कफ विकारों को नष्ट करता है पुदीने की जड़ को जमीन में बीज कर पुदीने की उत्पत्ति की जाती है पुदीना किसी भी मौसम में उगाया जा सकता है घरों के बाहर लोन में बड़े गमलों में पुदीने को उगा सकते हैं पुदीने के पत्तों से भीनी भीनी सुगंध आती है वर्षा के अंत में पुदीना उगने से ग्रीष्म ऋतु में अधिक गुणकारी पुदीना मिलता है पुदीने की चटनी भोजन की अरुचि को नष्ट करके भूख को बढ़ाती है चटनी कैसे होती है देने के रस का सेवन करने से स्तनों का सुंदर विकसित होता है पुदीने का अर्क अनेक रोग विकारों में बहुत लाभ पहुंचाता है।

हरे पत्तों वाले पुदीने का इस्तेमाल सब्जियों में मसाले के रूप में अधिक किया जाता है हरे धनिया और पुदीने की स्वादिष्ट चटनी बनाकर भी सेवन की जाती है पुदीने में गुणकारी रसायनिक तत्वों का पर्याप्त मात्रा में समावेश होने के कारण इसके रस का सेवन करने से विभिन्न रोग विकारों में बहुत लाभ होता है।

गुणकारी औषधीय उपयोग

1. पुदीने के रस को मुल्तानी मिट्टी में मिला कर चेहरे पर लेप करने से चेहरे की छुट्टियां नष्ट होती हैं और सुंदरता विकसित होती है |

2.चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार पुदीने का रस कृमि नाशक हवाई विकारों को नष्ट करने वाला होता है |

3.पुदीने के 5 ग्राम रस में नींबू का 5 ग्राम रस और 7 से 8 ग्राम मधु मिलाकर सेवन करने से उदर विकार नष्ट होते हैं |

4.पुदीने प्याज और नींबू का रस 10 ग्राम मात्रा में मिलाकर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पिलाने से होजे के रोग में बहुत लाभ होता है बमन विकृत शीघ्र नष्ट होती है |

5.शरीर के किसी भाग में दाद होने पर पुदीने का रस लगाने से बहुत लाभ होता है दिन में दो-तीन बार अवश्य लगाना चाहिए |

6.पुदीने का रस 5 ग्राम और अदरक का रस 5 ग्राम मिलाकर थोड़ा-सा सेंधा नमक डालकर सेवन करने से उदर शूल होता है |

7.पुदीने के रस की एक दो बूंद नाक में टकराने से पीनस रोग नष्ट होता है |

8.पुदीने और अदरक को जल में उबालकर क्वाथ बनाकर दिन में दो बार पीने से बुखार नष्ट होता है श्वास में भी इससे बहुत लाभ होता है |

9.हरा धनिया, पुदीना , काली मिर्ची, अंगूर या अनार की चटनी बनाकर नींबू का रस मिलाकर सेवन करने से अरुचि नष्ट होती है पाचन क्रिया तीब्र होने से भूख अधिक लगती है अजीण रोग में भी बहुत लाभ होता है |

10.पुदीने की पत्तियों को जल के साथ पीसकर शरीर पर लेप करने से उस्द्रता नस्ट होती है |

11. 20 ग्राम पुदीने का रस 10 ग्राम मधु और 5 ग्राम नींबू का रस मिलाकर सबको जल में मिलाकर सेवन करने से वायु विकार गैस नस्ट होता है |

12.चेहरे की त्वचा अधिक तैलीय होने पर प्रतिदिन पुदीने का रस रुई के साथ चेहरे पर लगाने से लाभ होता है त्वचा का चिकनापन कम होता है और चेहरे का सुंदरता विकसित होता है|

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