पायरिया के कारण, लक्षण और उपचार : Payariya Ke Karan Lakshan Aur Upchar

पायरिया के कारण

दांतों की ठीक प्रकार से सफा साफ सफाई नहीं करने से पायरिया हो जाना कोई नई बात नहीं है। भोजन व खाद्य पदार्थों के विषय संयोग जैसे ठंडे तथा गर्म पदार्थों को एक साथ खाने से यह रोग होता है क्योंकि यह पदार्थ दांंतों की जड़ों व मसूड़ों में खराबी उत्पन्न करके रोग पैदा कर देते हैं इसी प्रकार खाना खाना ठीक ढंग से कुल्ला न करने से दांतों के छिद्रों में आहार के कण फंसकर सड़ांध उत्पन्न करके इस रोग को बढ़ावा देते हैं।

लक्षण

इस रोग में दांंतों में तेज दर्द होने लगता है, दांत टीसने लगते हैं, मसूड़ों मेंं खून, मुख से तेज दुर्गंध आने लगती है। दांतों को दबाने पर उनसे मवाद व खून भी आता है।

उपचार

नींबू : नींबू का रस और शहद मिलाकर मसूड़ों पर मलते रहने से रक्त और पीप निकलना बंद हो जाता है।

पायरिया होने पर नींबू का ज्यादा से ज्यादा सेवन करें। प्रतिदिन पांच  छः नींबू के सेवन से रोग में काफी राहत मिलती है।

नींबू के रस को गर्म पानी में मिलाकर गरारे करने से पायरिया समाप्त हो जाता है।

नारंगी : प्रतिदिन नारंगी खाने से रोग में काफी राहत मिलती है। इसी प्रकार नारंगी के छिलकों को सुखाकर बनाएं चूर्ण को दांतों पर रगड़ने से भी पायरिया समाप्त हो जाता है।

आम : आम की गुठली की गिरी को महीन पीस लें, फिर इससे मंजन करें। दांंतों के अन्य रोगों के साथ-साथ पायरिया भी समाप्त हो जाएगा।

ककड़ी : ककड़ी खाने से पायरिया में काफी राहत मिलती है।

आंवला : प्रतिदिन एक हरे आंवले का दांतों से काट कुचलकर रस चूसें, पयारिया ठीक हो जाएगा।

आंवला जलाकर उसमें थोड़ा सेधा नमक मिलाकर सरसों के तेल के साथ मसूड़ों पर आहिस्ता आहिस्ता रगड़े, कितना भी पुराना पायरिया को समाप्त हो जाएगा।

गाजर : दांंतों पर बारीक पीसे हुए सेंंधा नमक में थोड़ा सरसों का तेल मिलाकर रगड़े। इसके पश्चचात दो-तीन गाजर चबा चबाकर खाएं या इसका रस पीएंं। पायरिया में काफी लाभ होगा।

जामुन : जामुन खाने से पायरिया में काफी लाभ होता है। इससे दातों से निकलने वाले खून की भी रोकथाम होती है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published.