पपीता के फायदे/ Papaya benefits in Hindi

उदर विकारों के निवारण के लिए पपीते गुणकारी औषधि के रूप में लाभ पहुंचाते हैं पपीते के सेवन से पाचन क्रिया तीव्र होती है और भूख अधिक लगने लग जाती है पपीते को काटकर नींबू का रस और थोड़ा-सा सेंधा नमक काली मिर्च का चूर्ण मिलाकर खाने से अरुचि की विकृत नष्ट होती है पपीते के पौष्टिक तत्व शरीर में शक्ति और स्फूर्ति की उत्पत्ति करते हैं कोष्ठबद्धता को नष्ट करने के लिए पपीता सबसे गुणकारी औषधि है।

पपीते में पाया जाने वाला “कॉपेन” नामक क्षारं उच्च रक्तचाप में बहुत लाभ पहुंचाता है पपीते का प्रतिदिन सेवन करने से पथरी की विकृत नष्ट होती है पपीते में उपलब्ध विटामिन “ए ” नेत्रों की ज्योति तीव्र करता है अजीर्ण की विकृति पपीते के सेवन से नष्ट होती है पपीते के सेवन से मूत्राशय और गुर्दे की विकृतियां भी नष्ट होती हैं।

गुणकारी औषधीय उपयोग

1. पपीते का 10 ग्राम गूदा नींबू के रस की 10 बूंदे और गुलाब जल आधा चम्मच में टमाटर का रस 10 ग्राम मिलाकर चेहरे व शरीर के दूसरे अंगों पर लेप करें 15 से 20 मिनट बाद हल्के गर्म जल से साफ करने से कुछ ही दिनों में त्वचा में बहुत निखार आता है।

2. रक्ताल्पता के रोगी स्त्री पुरुषों को प्रतिदिन पपीता खाना चाहिए पपीता सुपाच्य होने के साथ शरीर में रक्त की वृद्धि करता है |

3.प्रसव के बाद स्तनपान कराने वाली स्त्रियों को पपीते का सेवन अवश्य करना चाहिए इससे स्तनों में दूध की विधि होती है |

4.उच्च रक्तचाप से पीड़ित स्त्री पुरुषों को पपीते का सेवन करना काफी फायदेमंद होता है |

5.कोष्ठबद्धता से पीड़ित रोगियों के लिए पपीता सबसे गुणकारी औषधि है इसके सेवन से शीघ्र कोष्ठबधता ख़तम होती है| और उदर विकारों से मुक्ति मिलती है |

6.पपीते का प्रतिदिन 300 ग्राम मात्रा में सेवन करने से स्थूलता नष्ट होती है |

7.चेहरे की त्वचा शुष्क होने अथवा चेहरे पर झुर्रियां पड़ने से बचाव के लिए प्रतिदिन पपीता खाना चाहिए पपीते का गूदा चेहरे पर मलने से झुर्रियां नष्ट होती हैं|

8.पपीते के 100 ग्राम रस में गाजर का रस 100 ग्राम और अनानास का रस 50 ग्राम मिलाकर प्रतेक दिन सुबह शाम सेवन करने से ऋतुस्त्रों के बिकार नष्ट होते है |

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