पेट में कब्ज के कारण, लक्षण और उपचार : Paet Me Kabj Ke Karan Lakshan Aur Upchar

पेट में कब्ज के कारण

मल त्यागने में कठिनाई होना या बहुत कम मल त्याग होने को कब्ज कहा जाता है। भोजन में एकाएक परिवर्तन, दोष पूर्ण आहार शैली तथा पेय पदार्थों का बेहद कम सेवन करने से कब्ज हो जाता है। इसी प्रकार व्यायाम ना करने से भी कब्ज हो जाता है, बहुत से व्यक्ति भोजन के पश्चात तुरंत सो जाते हैं। इससे भी कब्ज हो जाता है। उपरोक्त सभी कारणों से जो कब्ज होता है। वो अल्पकालिक होता है। दीर्घकालिक कब्ज भोजन में रेशेदार पदार्थों की कमी के कारण होता है।

लक्षण

इस रोग में रोगी को मल त्याग करने में काफी परेशानी होती है, मलत्याग की मात्रा भी कम होती है। कब्ज होने पर मल कड़ा तथा सख्त गांंठों की शक्ल में होता है। कभी-कभी पेट में दर्द भी हो जाता है।

उपचार

पपीता : पपीता पेट के रोगों में विशेष रूप से लाभदायक रहता है। पपीता आंतों मे पाचक रस की मात्रा को बढ़ा देता है तथा आंतों में फंसा हुआ कफ बाहर निकाल देता है। यदि पपीते का नियमित रूप से सेवन किया जाए तो वर्षों पुराना कब्ज भी दूर हो जाता है। इस प्रकार प्रातः काल पपीता खाकर दूध पीने से कब्ज दूर हो जाता है।

नाशपाती : नाशपाती के सेवन से आंतों को बल मिलता है। कब्ज होने पर यदि एक नाशपाती खाली जाए तो यह शिकायत दूर हो जाती है।

कटहल : कटहल के सूप में अदरक, काली मिर्च और थोड़ा नींबू का रस मिलाकर पीने से कब्ज दूर हो जाता है।

अंगूर : अंगूर का नियमित प्रयोग करते रहने से कब्ज प्राकृतिक रूप से दूर हो जाता है।

अंजीर : जिन्हें पुराना कब्ज रहता है उन्हें अंजीर के प्रयोग से बहुत लाभ होता है। रात्रि के समय कांच या चीनी मिट्टी के बर्तन में दो-तीन अंजीर भलीभांति धोकर भीगो दें। प्रातः काल अंजीर को अच्छी तरह मसल कर जबा चबाकर खाएं और इसके पश्चात एक गिलास पानी पी ले। कब्ज दूर हो जाएगा।

तरबूज : कुछ दिनों तक नित्य तरबूज खाने से कब्ज दूर हो जाता है।

खरबूजा : खरबूजे का नियमित रूप से सेवन करने पर कब्ज नहीं होता। पका हुआ खरबूजा खाने से भी कब्ज दूर हो जाता है।

खजूर : खजूर में पाया जाने वाला रेशा कब्ज दूर करने में सहायक होता है। इसके सेवन से आंंतों को शक्ति मिलती है। कब्ज दूर करने के लिए खजूर को कई प्रकार से उपयोग में लाया जा सकता है।

केला : दो तीन केले खाने से कब्ज दूर हो जाता है परंतु रात्रि में सोने से पूर्व केला नहीं खाएं।

बेल : बेल का पका हुआ गूदा मल शोधन के लिए बहुत उपयोगी माना जाता है। बेल के गूदे का नियमित रूप से 2 माह तक सेवन करने से पेट में वर्षों से जमा मल बड़ी सरलता से साफ हो जाता है। इसके सेवन से आंतों को भी बल मिलता है।

अमरूद : अमरूद खाने से आंतों में ताजगी भर जाती है। कब्ज होने पर इसे खाना खाने से पहले खाना चाहिए। क्योंकि भोजन के पश्चात इसके सेवन से कब्ज हो जाता हैं। कब्ज के रोगियों को नाश्ते में भी अमरूद खाना चाहिए। पुराने कब्ज के रोगियो को सुबह शाम नियमित अमरूद खाना चाहिए। इसके सेवन से कब्ज ठीक होने के साथ साथ पाचन शक्ति भी बढ़ती है।

आंवला : रात को एक चम्मच पिसा हुआ आंवला पानी या दूध के साथ लेने से कब्ज दूर हो जाता है।

आलूबुखारा : अंजीर, मुनक्का व आलू बुखारा को साफ करके रात्रि के समय पानी में भिगोकर सुुबह चबा चबाकर खाएं तथा इसके बाद एक गिलास पानी पीने लें। इससे कब्ज दूर हो जाता है।

नींबू : एक नींबू का रस एक गिलास गर्म पानी में मिलाकर रात्रि को सोते समय पीएं। सुबह कब्ज समाप्त हो जाएगा।

सेव : भूखे पेट सेव खाने से कब्ज दूर हो जाता है। यहां ध्यान रखें कि सेव को छिलके सहित खाएं। खाना खाने के बाद सेव खाने से कब्ज हो जाता हैं।

नारंगी : सुबह नाश्ते में नारंगी का रस पीने से कब्ज दूर हो जाता है।

मुनक्का : कब्ज होने पर 10 मुनक्का गर्म दूध में उबालकर लेने से लाभ होता है।

लीची : जिस व्यक्तियों को प्रायः कब्ज रहता है, वे लीची के मौसम में लीची का प्रयोग करें। इससे पुराना कब्ज दूर हो जाता है।

ईसबगोल : कब्ज दूर करने के लिए ईसबगोल के उपयोग का काफी प्रचलन है क्योंकि इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके प्रयोग से ना तो किसी प्रकार की कोई कमजोरी होती है और ना ही इसका कोई बुरा प्रभाव पड़ता है। कब्ज दूर करने के लिए इसे गर्म दूध के साथ लेना चाहिए।

जयाफल : कब्ज होने पर जयाफल का प्रयोग अपच को दूर कर देता है।

इमली : इमली खाने से भी कब्ज समाप्त हो जाता है।

बादाम : कब्ज दूर करने हेतु बादाम उपयुक्त फल माना जाता है। रात्रि को सोने से पहले आठ-दस बादाम खूब चबा चबाकर खाने से तथा इसके बाद एक गिलास गर्म दूध पीने से कब्ज समाप्त हो जाता है। जो लोग बादाम को हजम करने की सामर्थ्य नहीं रखते वे बादाम की गिरी या बादाम के बजाय गर्म दूध में बादाम का तेल मिलाकर पीएं।

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