निम्न रक्तचाप के कारण, लक्षण और उपचार : Nimna Raktachap Ke Karan Lakshan Aur Upchar

निम्न रक्तचाप के कारण व लक्षण

रक्तचाप में कमी होना निम्न रक्तचाप कहलाता है। यह रोग मानसिक आघात, गंभीर रूप से घायल होने, जलने या फिर दिल के दौरे के कारण होता है। अवसादररोधी व एंटीहाइपरटेंसिव दवाओं के कारण भी यह रोग हो सकता है। इस रोग में रोगी स्वयं को बेहद थका हुआ महसूस करता है। उसे चक्कर आते हैं तथा वो बेहोश होकर गिर भी सकता है।

उपचार

किशमिश : 100 ग्राम के किशमिश को लगभग 200 ग्राम पानी में भिगो दें। इसे रात में भीगने दें। सुबह खाली पेट इस किशमिश को खूब महीन चबा चबाकर खाएं। निम्न रक्तचाप में बहुत लाभ होगा।

गाजर : गाजर के रस में शहद मिलाकर पीने से निम्न रक्तचाप दूर हो जाता है। गाजर का मुरब्बा भी इसके लिए लाभकारी होता है।

आंवला : हरे आंवले का रस व शहद बराबर मात्रा में मिलाकर चाटने से निम्न रक्तचाप दुरुस्त हो जाता हैं।

आंवले का मुरब्बा दूध के साथ लेने से काफी लाभ होता है।

लीची : निम्न रक्तचाप में लीची का सेवन लाभदायक है। यह हृदय को शक्ति प्रदान करती है।

केला : दो केलोंं को शहद में भलीभांति  मिलाकर खाने से निम्न रक्तचाप ठीक हो जाता है।

सेव : सेव का सेवन इस रोग में काफी लाभदायक है। नियमित सेव का सेवन करें। सेव का मुरब्बा भी लाभदायक है।

बादाम : निम्न रक्तचाप में बादाम का उपयोग रोगी के लिए बहुत गुणकारी है। पांच बादामों को रात्रि के समय पानी में भिगो दें और सुबह उसको महीन पीसकर गर्म दूध के साथ सेवन करें।

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