नकसीर के कारण, लक्षण और उपचार : Naksir Ke Karan Lakshan Aur Upchar

नकसीर के कारण व लक्षण

नाक से अचानक खून की धार फूटने को नकसीर कहा जाता है। यह रोग किसी को भी हो सकता है। परंतु बच्चों और बूढ़ों में य ज्यादा होता है। नाक से जोर से स्वास खींचने विशेषकर जुकाम की स्थिति में या फिर नाक को खुरचने से रक्तस्त्राव हो जाता है। जिनकी रक्त वाहिकाएं बेहद नर्म होती हैं, उनको भी यह रोग ज्यादा होता है। कई बार सिर में व नाक पर तेज चोट लगने से भी नकसीर फूट जाती है।

उपचार

नींबू : नकसीर आने पर नथुनो में दो-दो बूंद नींबू का रस टकराने से रक्त गिरना बंद हो जाता है।

आंवला : जिन्हें प्रायः नकसीर की शिकायत रहती है। वे सूखे आंवलों को रात को भिगोकर उस पानी से सुबह नित्य सिर धोएं। आंवले का मुरब्बा खाएं। आंवले का रस नाक में टपकाएं, आंवले को सूंघें या आंवले को पीसकर उसका सिर पर लेप करें।

अंगूर : अंगूर का रस नाक द्वारा ऊपर खींचने पर कैसी भी तेज नकसीर हो बंद हो जाती है।

अनार : अनार का रस नाक में डालने से रक्त बहना बंद हो जाता है।

नारियल : प्रातः खाली पेट 25 ग्राम नारियल खाने से नकसीर आना बंद हो जाती है। इस उपाय को 1 सप्ताह तक नियमित अपनाएं।

केला : एक गिलास दूध में शक्कर मिलाकर दो केले के साथ लगातार 12 दिनों तक सेवन करें, इससे समस्या दूर हो जएगी।

मुनक्का : मुनक्का और अंगूर के रस का नस्य देने से नकसीर तुरंत बंद हो जाती है।

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