मोतियाबिंद के कारण, लक्षण और उपचार : Motiyabind Ke Karan Lakshan Aur Upchar

मोतियाबिंद के कारण व लक्षण

वृद्धावस्था में मोतियाबिंद की शिकायत आम होती है। इस रोग में आंखों की पुतली ऊपर एक हल्का सा जाला छा जाता है, जिसके कारण दिखाई देना कम या बंद हो जाता है। यह जाला धीरे धीरे बढ़ता जाता है और आंखों की शक्ति लगातार क्षीण होती जाती हैं और व्यक्ति पूर्णतः अंधा हो जाता है। वृद्धावस्था में मोतियाबिंद बेहद खतरनाक रोग माना जाता है। इससे बचाव के लिए नियमित रूप से फलों का सेवन लाभप्रद रहता है।

नारियल : आंखों के लिए नारियल बेहद लाभप्रद है। मोतियाबिंद होने पर नियमित कच्चे नारियल के सेवन से लाभ पहुंचता है। इसके अलावा नारियल की गिरी को चीनी में मिलाकर खाने से भी लाभ होता है।

सेव : प्रतिदिन एक गिलास सेव का रस पीने से मोतियाबिंद में काफी लाभ मिलता है तथा आंखों के अन्य विकार भी दूर हो जाते हैं।

बादाम : रात में बदाम की गिरी भिगोकर प्रातः पीसकर पानी मिलाकर पीने से मोतियाबिंद में राहत मिलता है।

फलों का रस : शहद, अदरक, प्याज और नींबू का रस सममात्रा में मिलाकर छान लें। इस रस को सुबह शाम एक बूंद एक एक बूंद आंखों में डालने से मोतियाबिंद दूर हो जाती है।

आंवला : प्रतिदिन शहद के साथ ताजा आंवले के सेवन से मोतियाबिंद में लाभ पहुंचता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.