मसूड़ों में रोग के कारण, लक्षण और उपचार : Masudo Me Rog Ke Karan Lakshan Aur Upchar

मसूड़ों मे रोग के कारण व लक्षण

मसूड़ों में कई प्रकार के रोग हो सकते हैं, जिनमें दांतो का ढीलापन, मवाद पड़ने की शिकायत होना व जिंजीवाइटिस प्रमुख हैं। मसूड़ों के रोग का प्रमुख कारण उनकी समुचित सफाई न होना है। इन रोगों में दांत की जड़ के इर्द-गिर्द संक्रमण हो जाता है तथा सूजन युक्त हिस्से उभर आते हैं। ब्रश करने पर दर्द होता है तथा दांतों से खून निकलने लगता है। इसके पश्चात मुख से तेज दुर्गंध आने लगती है।

उपचार

आम : आम की गुठली की गिरी का चूर्ण बनाकर उसे छानकर मंजन की तरह दांतों व मसूड़ों पर मलें। इस प्राकृतिक मंजन से मसूड़ों के रोग दूर हो जाते हैं।

अमरुद : मसूड़ों में सूजन होने पर अमरूद के पत्ते को उबालकर उससे कुल्ला करें।

नींबू : नींबू को पानी में निचोड़कर कुल्ले करने से मसूड़ों का फूलना बंद हो जाता है।

सेव : भोजन के पश्चात नित्य सेव खाएं। इससे दांतों व मसूड़ों का अच्छा व्यायाम होता है तथा मसूड़े खराब हो गए हो तो ठीक हो जाते हैं। सेव में मुखशुद्धि के भी कई गुण विद्यमान रहते हैं। दंत विशेषज्ञों का भी मानना है कि दांतों व मसूड़ों के लिए सेव से बेहतर कोई दवा नहीं है। सेव चबाने से मुख में पैदा हुई लार भोजन पचाने में सहायक होती है। और सेव में उपस्थित क्षार दांतों व मसूड़ों के कीटाणुओं को नष्ट कर देते हैं।

अंगूर : मसूड़ों की बीमारियों में अंगूर भी लाभदायक है। यदि कुछ सप्ताह तक अंगूर को भोजन के साथ खाया जाए तो मसूड़ों को मजबूती प्रदान करता है।

अदरक : मसड़े यदि फूल गए हो तो अदरक को चबाने के साथ-साथ लगभग 3 ग्राम सोठ दिन में 1 बार पानी के साथ फंकी कर ले। इससे मसूड़े शीघ्र ठीक हो जाएंगे।

शलगम : शलगम को कच्चा चबा चबाकर खाने से मसूड़ों के रोग दूर हो जाते हैं।

अंजीर : अंजीर को पानी में उबालकर उसके पानी से कुल्ला करने से मसूूड़ो के सभी प्रकार के रोग ठीक हो जाते हैं।

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