मंद ज्वर के कारण, लक्षण और उपचार : Mand Jvar Ke Karan Lakshan Aur Upchar

मंद ज्वर के कारण व लक्षण

यह ज्वर धीरे-धीरे आता है, इसीलिए इसे मंद ज्वर के नाम से जाना जाता है। इस प्रकार का ज्वर धूप में चलने, अधिक गर्म चीजें खाने, आंंच के आगे बैठने व गर्मी की थकान के कारण आता है। इस रोग के प्रारंभ में रोगी का मुंंह कड़वा रहने लगता है। चक्कर आने लगते हैं, रह  रहकर बुखार आने लगता है रोगी बेहद कमजोर महसूस करता है।

उपचार

गन्ना : मंद ज्वर में प्रतिदिन एक गिलास गन्ने का रस पीने से काफी लाभ होता है इससे रोगी के शरीर का तापक्रम कम होता है।

नींबू : ज्वर आने पर या इससे 2 घंटे पहले नमक, फिटकरी व काली मिर्च को समान मात्रा में पीसकर आधे नींबू में डालकर धीरे-धीरे चूसे। दूसरा आधा टुकड़ा इसी तरह से आधे घंटे के बाद जूसें। ज्वर ठीक हो जाएगा।

संतरा : मंद ज्वर में रोगी को नित्य एक गिलास संतरे का रस पिलाना चाहिए। इससे उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है तथा वह जल्दी स्वस्थ हो जाता है।

रात्रि को सोते समय एक संतरा छीलकर खाने से भी ज्वर में आराम मिलता है।

आंवला : मूंग की दाल में सूखा आंवला डालकर पकाकर खाने से जीर्ण ज्वर से राहत मिलती है।

बेल : बेल की जड़ का 10 ग्राम गूूदा बारीक बारीक काट लें। फिर उसमें 10 ग्राम बेल की गिरी मिला दे। इससे 10 ग्राम एरंड की जड़ भी काटकर डाल दें। इसके पश्चात इन सभी को आधा किलो दूध में 2 किलो पानी मिलाकर उबालें। जब पानी जल जाए तो इसे छानकर 10 – 10 ग्राम की मात्रा में तीन – तीन घंटे बाद लेते रहें। जीर्ण पूर्णतः समाप्त हो जाएगा।

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