मलेरिया बुखार के कारण, लक्षण और उपचार : Maleriya Bukhar Ke Karan Lakshan Aur Upchar

मलेरिया बुखार के कारण

मलेरिया मादा एनाफिलीज मच्छर द्वारा फैलाया जाता है। यह मच्छर किसी स्वास्थ्य व्यक्ति को काटता है तो उसके रक्त में मलेरिया के कीटाणु प्रवेश कर जाती है और वह मलेरिया से ग्रसित हो जाता है।

लक्षण

प्रारंभ में रोगी को तेज ठंड लगती है व सारे शरीर में कंपकंपी छूटने लगती है। इसके पश्चात उसे तेज सिर दर्द होने लगता है। यह बुखार बहुत तेजी से चढ़ता है व कुछ समय पश्चात शरीर में पसीना आ जाता है व शरीर के तापक्रम में गिरावट आ जाती है। बुखार उतरता चढ़ता रहता हैं।

उपचार

नींबू : नीबू की फांंकी में काली मिर्च नमक भरकर उसे तवे पर हल्का गरम कर लेंं। बुखार के दौरान यह नींबू चूसने से ज्वर वेग कम हो जाता है।

ज्वर के दौरान यदि उल्टियां होने लगे तो गन्ने के रस में एक नींबू निचोड़कर पीएं।

पानी में नींबू निचोडकर स्वादानुसार शक्कर मिलाकर 4 दिनों तक सुबह शाम लगातार पीएं। मलेरिया समाप्त हो जाएगा।

अमरुद : मलेरिया में अमरुद काफी लाभदायक फल है। इसके सेवन से इस रोग में लाभ होता है।

सेव : सेव के सेवन से मलेरिया जल्दी ठीक हो जाता है।

नारंगी : दो नारंगी के छिलकों को दो कप पानी में उबालकर छानकर पीएं। इससे मलेरिया में काफी लाभ मिलता है।

चकोतरा : चकोतरे का रस सभी प्रकार के ज्वरों से स्वास्थ्य रक्षा करता है। चकोतरे के रस में यदि संतरे का रस भी मिला लिया जाए तो जल्दी ही मलेरिया दूर हो जाएगा।

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