खो – खो खेल नियम के बारे में रोचक तथ्य : Kho – Kho Game Rules About Facts In Hindi

खो – खो खेल के नियम

खो – खो खेल के नियम निम्नलिखित हैं-

1- खेल का मैदान चित्रनुसार होना चाहिए।

2- टास जीतने वाली टीम का कप्तान अपने अनुसार पहले चेसर या रनर के रूप में खेलने की सूचना मैच रेफरी को देगा। एक चेसर के अलावा अन्य सभी चेसर वर्गों पर इस प्रकार बैठेंगे कि साथ साथ बैठे हुए खिलाड़ियों के मुँँह एक ही दिशा में न हो। नौवांं खिलाड़ी जो क्रियाशील दौड़ने वाला होगा, स्तंभ के पास रनर के पीछे दौड़ कर पकड़ने के लिए खड़ा होगा, जिससे खेल प्रारंभ माना जाएगा।

3- क्रियाशील पकड़ने वाला खिलाड़ी केंद्रीय गली के किसी भाग को नहीं स्पर्श करेगा और ना इसे पार कर सकेगा।

4- खो हमेशा बैठे हुए खिलाड़ी को पीठ की ओर दी जाएगी तथा खो शब्द का उच्चारण तेज आवाज में होगा। बैठा हुआ चेसर खो देने से पहले नहीं उठेगा। क्रियाशील पकड़ने वाला खिलाड़ी अपने अन्य साथियों द्वारा फैलाए गए हाथ को छूकर खो नहीं देगा।

5- दौड़ने वाला चेसर खिलाड़ी पार की गयी क्रॉस लाइन से हटकर खो नहीं दे सकेगा।

6- यदि क्रियाशील चेसर उपरोक्त वर्णित नियमों का पालन नहीं करता है तो मैच अंपायर द्वारा सीटी बजाकर इसका निराकरण करायेगा। क्रियाशील पकड़ने वाले के दोष द्वारा प्रभावित हो बाहर निकाला रन आउट नहीं समझा जाएगा।

7- क्रियाशील चेसर तुरंत ही खो दिए गए खिलाड़ी के स्थान पर उचित अवस्था में बैठेगा।

8- खो प्राप्त करने के पश्चात खिलाड़ी क्रास लाइन से जिस दिशा में पैर रखता या दौड़ता है, उसे उसी दिशा में जाना पड़ेगा, न कि विपरीत दिशा में। ऐसा करने पर उसे दोषी माना जाएगा।

9- चेसर पकड़ने वाला सीधा उसी दिशा में दौड़ेगा जिस दिशा में उसका मुख हैं और अपने कंधों के बीच का समकोण बनाती हुई कल्पित रेखा के पीछे नहीं मुड़ेगा।

10- जब चेसर स्तंभ के पास वाली क्रास लाइन को पार करके स्तंभ की ओर दौड़ता है तो उसे स्ताम्भीय रेखा को पार करना पड़ेगा और इसके बाद वह वापस भी आ सकता है, और स्ताम्भ के बाहर की ओर से केंद्रीय गली के पार भी जा सकता है।

11- स्तम्भ छोड़ने के पश्चात चेयर केंद्रीय गली में उस दिशा में ही दौड़ेगा, जिस ओर से उसने स्तम्भ छोड़ा था।

12- क्रियाशील पकड़ने वालों का चेहरा उसी दिशा में रहेगा, जो उसने धारण किया है। वह स्वयं अपना चेहरा नहीं मोड़ेगा। केंद्रीय गली के समान्तर दिशा तक उसको कंधा मोड़ने की स्वीकृति हैं।

13- वर्गों पर बैठे चेसर इस प्रकार से बैठेंगे कि दौड़ने वालों को कोई व्यवधान न आये, नहीं तो पकड़ने की दिशा में रनर को आउट नहीं समझा जाएगा।

14- दिशा लेने और चेहरा मोड़ने का नियम स्तंभों के बाहर वने चतुर्भुजों में लागू नहीं होगा।

15- खेल की पारी के मध्य क्रियाशील पकड़ने वाला सीमाओं के बाहर जा सकता है किंतु उसे दिशा लेने और चेहरे बदलने संबंधित नियमों का पालन करना पड़ेगा।

16- कोई भी दौड़ने वाला खिलाड़ी बैठे हुए रेजर को नहीं स्पर्श करेगा। यदि वह ऐसा करता है तो उसे चेतावनी मिलेगी तथा उसके बाद भी नियम भंग करने पर उसे आउट किया जाएगा।

17- यदि दौड़ने वाले के दोनों पैर सीमा से बाहर निकल जाते हैं तो उसे आउट माना जाएगा।

18- यदि क्रियाशील पकड़ने वाले नियमों का उल्लंघन किए बिना अपने हाथ से दौड़ने वाले को छू लेते हैं तो रन आउट हो जाएगा।

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