काली खांसी के कारण, लक्षण और उपचार : Kali Khansi Ke Karan Lakshan Aur Upchar

काली खांसी के कारण व लक्षण

कूकर या काली खांसी को सामान्य खांसी से ज्यादा घातक माना जाता है। इस प्रकार की खांंसी दौरे के सामान पैदा होती है व रोगी खांंसते-खांंसते बेहाल हो जाता है। कई बार इस प्रकार की खांंसी में रोगी को कफ के साथ खून भी आ जाता है। इसमें रोगी के स्वर तंतु सिकुड़ जाते हैं व सीने में तेज जलन होने लगती है।

उपचार

अमरुद : अमरुद को गर्म रेत या राख में सेक कर खाने से कूकर खांसी मे काफी लाभ होता है। इससे जमा हुआ कफ भी निकल जाता है।

अदरक : अदरक के एक चम्मच रस में मेथी का एक कप काढ़ा बनाकर शहद मिलाकर पीने से कूकर खांसी ठीक हो जाती है।

नारियल : बिना किसी सुगंध की मिलावट वाले शुद्ध नारियल तेल की 4 – 4 ग्राम मात्रा दिन में चार बार पिलाने से लाभ होता है।

गन्ना : एक गिलास गन्ने का रस प्रतिदिन दो बार पीने से कूकर खांसी में काफी लाभ होता है। तथा कफ की समस्या भी समाप्त हो जाती है।

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