जामुन के गुणकारी फ़ायदे Jamun ke fayde in hindi

वर्षा ऋतु के प्रारंभ में होने के साथ ही काले – काले जामुन वृक्षों पर दिखाई देने लगते हैं जामुन इतने स्वादिष्ट होते हैं कि जामुन के नाम से मुंह में पानी भर आता है मधुमेह (डायबटीज) और उदर शूल (पेट की समस्या) में जामुन किसी गुणकारी औषधि की तरह लाभ पहुंचाते हैं। जामुन के सेवन से रक्ताल्पता (एनीमिया ) रोग में बहुत लाभ होता है क्योंकि लौह तत्वों से भरपूर जामुन शरीर में तेजी से रक्त की वृद्धि करते हैं जामुन से सिरका बनाया जाता है सिरके का सेवन करने से उदर (पेट के) अनेक विकार नष्ट होते हैं जामुन के शरबत से ग्रीष्म ऋतु की उष्णता नष्ट होती है और तीव्र प्यास कम होती है जामुन का शरबत पेट के विकारों को नष्ट करता है जामुन के सर्वत से अतिसार (दस्त) नष्ट होता है  यकृत और प्लीहा के विकारों में जामुन खाने से बहुत लाभ होता है मधुमेह (डायबिटीज ) के लिए जामुन सबसे गुणकारी औषधि है।

जामुन ओं को दूसरे फूलों की तरह खाने के साथ इस का रस निकालकर भी उपयोग किया जा सकता है जामुन के शरबत से बच्चों की नासा रक्तस्त्राव की विकृत बंद होती है जामुन के पत्तों के रस से अतिसार को बंद किया जा सकता है इसकी छाल को जल में उबालकर क्वाथ बनाकर पिलाने से प्रवाहिका (पेचिश ) और अतिसार ( पेट का दर्द ) मैं बहुत लाभदायक होता है।

गुणकारी औषधीय उपयोग

1.जामुन के आसव से प्रवाहिका में रक्तस्राव स्त्राव की विकृति नष्ट होती है।

2.चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार जामुन की गुठली फल से अधिक गुणकारी होती है ।

3 गुठली को सुखाकर चूर्ण बनाकर सेवन करने से पेट का दर्द और प्रवाहिका ( पेचिश) में बहुत लाभ होता है।

4.मधुमेह रोग में भी इस चूर्ण को जल के साथ सेवन करने से बहुत लाभ होता है ।

5 जामुन पीलिया रोग में बहुत लाभ पहुंचाता है ।

6.जामुन के सेवन से रक्त शुद्ध होता है और फोड़े फुंसियां खाज खुजली व दूसरे रक्त विकार नष्ट होते हैं।

7.जामुन के रस के सेवन से मूत्र नलिका का शोध नष्ट होता है और रक्त पित्त रोग का निवारण होता है।

8.जामुन की गुठली को जल के साथ घिसकर चेहरे पर लेप करने से मुंहासे और फुंसियां नष्ट होती हैं और चेहरे का सौंदर्य निखरता है।

9.जामुन खाने से रक्त शुद्ध होता है और फोड़े फुंसियों की विकृति से मुक्ति मिलती है।

10.जामुन के कोमल गुलाबी पत्तों का रस 10 ग्राम मात्रा में 5 ग्राम मधु मिलाकर दिन में तीन से चार बार सेवन करने से अतिसार ( पेट का दर्द ) बंद होता है।

11.जामुन और आम का रस बराबर मात्रा में मिलाकर प्रतिदिन पीने से मधुमेह ( डायबिटीज ) मैं बहुत लाभ होता है

12.जामुन खाने से पांडू ( शरीर में रक्त की कमी ) और पीलिया रोग ( जॉन्डिस ) मैं बहुत लाभ होता है

13.जामुन के वृक्ष की छाल को जल में देर तक उबालकर कवाथ बनाकर छानकर उसमें मधु मिलाकर सुबह-शाम पीने से 1 सप्ताह में प्रदर रोग में बहुत लाभ होता है ।

14.जामुन की गुठलियो का चूर्ण 3 ग्राम मात्रा में सुबह-शाम जल के साथ सेवन करने से नव युवकों की स्वप्नदोष विकृति नष्ट होती है।

15.जामुन के फलों से निर्मित सिरके का सेवन करने से कोष्ठबद्धता नष्ट होती है।

16.जामुन के पत्तों का रस 5 ग्राम केले के पत्तों का रस 5 ग्राम दोनों रस मिलाकर उसमें विजयसार का चूर्ण डालकर पीने से मधुमेह रोग में बहुत लाभ होता है।

17. काले जामुन को सेंधा नमक के साथ खाने से दस्त जल्दी से ठीक होता है।

18.कैंसर के मरीज को काले जामुन खाने से काफी लाभकारी होता है।

 

 

 

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