जमीकंद के फायदे -jamikand ke fayde-in hindi

जिमीकंद जमीन के अंदर पैदा होने वाला कौन होता है जो भारत में सिर्फ पत्र उत्पन्न होता है जब एक अनेक गुणकारी उपयोगी वनस्पति है कहीं इससे बोया जाता है और कहीं यह स्वयं ही उठता है।

 

1. जमीन कंद को पानी में धोकर साफ कर के टुकड़े कर लें और धूप में सुखा लें सूखने पर पीसकर चूर्ण बना लें एक ही चमक चुरा दिन में दो बार पानी के साथ लेने से खूनी बवासीर में लाभ होता है।

2. बादी बवासीर में जमीन पर मिट्टी चढ़ाकर आग में भूलने से मिट्टी को हटाकर जिमीकंद को धोकर साफ कर रहे इसके टुकड़े करके छाया में सुखा लें और कूटकर पीसकर चुरा कर ले 10 ग्राम + सुबह पानी के साथ रत्न लेने से भाव से रोग ठीक हो जाता है।

3. बिच्छू दश जमीकंद की पोटली बनाकर ढके लगे आप और बांधने से बिच्छू का जहर उतर जाता है।

4. घटिया में चुकंदर के बीज और कंधा का गोदा पानी के साथ पीसकर दर्द वाले जोड़ों पर लेप करने से लाभ मिलता है।

5. जमीन कंद हो इमली के पानी में उबालकर धो ले इसे काटकर सब्जी बनाकर खाने से खूनी बवासीर में लाभ होता है।

 

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