गुर्दे मे रोग के कारण लक्षण और उपचार : Gurde Me Rog Ke Karan Lakshan Aur Upchar

कारण व लक्षण

गुर्दे अर्थात वृक्क हमारे शरीर में मूत्र निर्माण में प्रमुख भूमिका निभाते हैं। परंतु कई शारीरिक विकारों, जिनमें से आंतरिक कारक ही ज्यादा जिम्मेदार होते हैं। के कारण गुर्दे रोगग्रस्त हो जाते हैं।

उपचार

नारंगी : प्रातः नाश्ते से पूर्व एक – दो नारंगी खाकर गर्म पानी पीने से गुर्दे के रोग ठीक हो जाते हैं।

सेव : सेव खाने से गुर्दे के रोग ठीक हो जाते हैं।

अंगूर : अंगूर का सेवन गुर्दे के रोग के लिए लाभदायक है। अंगूर के पत्ते 25 से 30 ग्राम मात्रा में लेकर 150 ग्राम पानी में उबालकर, नमक मिलाकर पीने से गुर्दे व मूत्राशय के विकार खत्म हो जाते हैं।

खरबूज : खरबूजे के बीजों को पीसकर उसको थोड़ा गर्म करके पीने से गुर्दे के दर्द में लाभ मिलता है।

आम : नित्य एक आम खाइएं, इससे गुर्दे की दुर्बलता समाप्त हो जाती है। आम के रस में शहद मिलाकर पीने से लाभदायक है।

तरबूज : तरबूज खाने से वृक्कशोथ ठीक हो जाता है।

शलगम : शलगम का रस पीने से गुर्दे के रोग दूर हो जाते हैं।

गाजर : गाजर गुुर्दे के लिए फायदेमंद है। इसके सेवन या इसके रस के सेवन से गुर्दे के रोग ठीक हो जाते हैं व गुर्दे को बल मिलता है।

बेल : बेल के गूदे के सेवन से भी लाभ होता है परंतु इसका नियमित सेवन जरूरी हैं।

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