गर्भ निरोध के उपचार : Grbha Nirodh Ke Upchar

मनचाही संतान की उत्पत्ति को रोकने के लिए अपनाए गए तरीकों को गर्भ – निरोधक कहा जाता है। प्राचीन काल में गर्भ निरोध प्राकृतिक पदार्थो द्वारा किया जाता था। जहां प्राचीन काल से चले आ रहे दो प्राकृतिक गर्भ निरोध के उपाय दिए जा रहे हैं। हालांकि वर्तमान में कई अन्य आधुनिक साधन भी उपलब्ध हैं किंतु यह उपचार आज भी कारगार व उपयोगी है।

उपचार

ईख : गर्भ निरोध हेतु मासिक धर्म के बाद 3 दिन तक एक छटांक ईख का पुराना गुड़ खाने से गर्भ ठहरने की संभावना काफी कम हो जाती है।

अरंड : मासिक धर्म के बाद 3 दिनों तक अरंड की मींगी खाएं। यह उपचार इतना कारागार है कि इससे 1 वर्ष तक गर्भ नहीं ठहरता।

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