गर्भपात के कारण लक्षण और उपचार : Grabhpat Ke Karan Lakshan Aur Upchar

गर्भपात के कारण

गर्भावस्था में असंयमित रूप से सहवास करने, अति मैथुन करने, गर्भाशय की कमजोरी,  गर्भावस्था में चोट के कारण, ज्यादा श्रम, वजन उठाने के कारण गर्भपात हो जाता हैं।

लक्षण

गर्भा योनि मार्ग से रक्त में मिश्रित होकर बाहर निकल जाता हैं। इस समय गर्भाशय में तीव्र पीड़ा होती है तथा थकान व कमजोरी आ जाती हैं।

उपचार

अनार : 100 ग्राम अनार के ताजे पत्ते पीसकर पानी में छानकर पीने से तथा इन पत्तों का रस पेडू पर लेप की तरह लगाने से गर्भस्त्राव रुक जाता है।

सिंघाड़ा : गर्भाशय की निर्बलता के कारण गर्भ नहीं ठहरता हो तथा गर्भपात हो जाता हो तो कुछ सप्ताह ताजा सिंघाड़े खाने चाहिए। इससे काफी लाभ होता है।

शरीफा : अनचाहा गर्भ ठहर गया हो तो शरीफे के चूर्ण की बत्ती योनि में रख ले। गर्भपात हो जाएगा।

नाशपाती : नाशपाती खाने से गर्भाशय की दुर्बलता दूर हो जाती है।

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