आवला के फायदे | Gooseberry benefits in hindi

आंवले में विटामिन “सी “अत्यधिक मात्रा में होता है इसके सेवन से विटामिन “सी “के अभाव से उत्पन्न अनेक रोग नष्ट होते हैं मसूड़ों के पायरिया रोग में आंवले के सेवन से बहुत लाभ होता है कच्चे आंवले को सुखाकर भी उपयोग कर सकते हैं क्योंकि आंवले को सुखाने पर इसके गुणकारी तत्व सुरक्षित रहते हैं कच्चे आंवले के सेवन से शोथ, कब्ज, कुष्ठ, रक्त विकार, पित्त प्रकोप ,दाह और ज्वर नष्ट होते हैं रक्तपित्त में आंवला बहुत लाभ पहुंचाता है आंवले के सेवन से शारीरिक थकावट नष्ट होती है और वीर्य की वृद्धि करने के साथ ही आंवला वीर्य के विकारों को भी नष्ट करता है।

आंवले से निर्मित चवनप्राश का प्रतिदिन सेवन करने से शारीरिक शक्ति का विकास होता है रोगियों में रक्त की वृद्धि होती है आंवले का रस शीतवीर्य के प्रभाव से रक्त की उष्णता व तीक्ष्णता को नष्ट करता है।

गुणकारी औषधीय उपयोग

1. एक ताजा आंवला प्रतिदिन खाने से शरीर को भरपूर विटामिन “सी” मिलता है इससे चेहरे पर झुर्रियां नहीं पड़ती और सौंदर्य विकसित होता है।

2. आंवला हरड़ और बेलपत्र को पीसकर शरीर पर मलने के कुछ देर बाद स्नान करने से पसीने व दूसरे विकारों की दुर्गंध सीख नष्ट होती है ।

3.आंवले का रस 100 ग्राम मात्रा में लेकर उसमें 20 ग्राम मधु मिलाकर जल के साथ प्रतिदिन सेवन करने से शारीरिक निर्बलता नष्ट होती है ।

4.10 ग्राम आंवले के रस में मिश्री मिलाकर पीने से अम्लपित्त की विकृत नष्ट होती है ।

5.धातुस्त्राव की विकृत होने पर 10 ग्राम आंवले के रस में 5 ग्राम मधु मिलाकर सेवन करने से बहुत लाभ होता है ।

6.आंवले का रस 25 ग्राम मूली का रस 50 ग्राम मिलाकर तीन 4 सप्ताह तक प्रतिदिन सेवन करने से पथरी की विकृति में बहुत लाभ होता है ।

7.आंवले का 30 ग्राम रस गन्ने के 200 ग्राम रस में मिलाकर पीने से मूत्र रोग नष्ट होता है।

8.आंवले के 50 ग्राम रस में 25 ग्राम मिलाकर कुछ दिनों तक सेवन करने से स्त्रियों का योनिदाह विकार नष्ट होता है।

9.आंवले के 30 ग्राम रस में थोड़ी सी हल्दी और मधु मिलाकर सुबह-शाम चाटने से प्रमेह रोग नष्ट होता है ।

10.आंवले का शर्बत जल मिलाकर पीने से ग्रीष्म ऋतु में  उष्णता से सुरक्षा होती है।

11.ग्रीष्म ऋतु में नाक से रक्त स्त्राव नकसीर होने पर आंवले के रस की बूंदें नाक में टपकाने से लाभ मिलता है।

12.आवला और शिकाकाई की फलियों को कूट पीसकर पाउडर बना लें स्नान से 1 घंटे पहले पाउडर को हल्के गर्म जल में डालकर रखें इस मिश्रण से प्रतिदिन बालों को धोने से बाल लंबे व काले होते हैं |

13.आंवले के रस को नारियल के तेल में मिलाकर प्रतिदिन बालों की जड़ में लगाने से बालों का गिरना बंद हो जाता है और बाल अधिक लंबे होते हैं |

14.आंवले के रस को वस्त्र द्वारा छानकर एक एक बूंद नेत्रों में प्रतिदिन डालने से नेत्रों के विकार नष्ट होते हैं और नेत्र ज्योति तीव्र होता है |

15.आंवले के रस को शिशु के मसूड़ों पर प्रतिदिन मलने से दांत सरलता से निकलते हैं |

16.आंवले के रस में शतावरी का चूर्ण और मधु मिलाकर सेवन करने से योनिदाह नष्ट होता है |

17.आंवले को पीसकर घी मिलाकर सिर पर लगाने से सर दर्द नष्ट होता है |

18.आवले को पीसकर 6 ग्राम मात्रा में लेकर उसमे 3 ग्राम मधु मिलाकर प्रतिदिन दो तीन बार सेवन करने से रक्त प्रदर की विकृति नष्ट होती है |

19.आंवले के 25 ग्राम रस उसमे कालीमिर्च 1 ग्राम चूर्ण मिलाकर प्रतिदिन पीने से कुछ ही सप्ताह में रक्त प्रदर की विकृति नष्ट होती है |

20.आंवले के 20 ग्राम रस में जीरे का चूर्ण और मिश्री मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से अमल्नपरित नष्ट होता है|

21.आंवले के 20 ग्राम रस को मट्ठे में मिलाकर सेवन करने से प्रमेह रोग नष्ट होता है |

22.आवला और गन्ने का रस मिलाकर दिन में तीन बार सेवन करने से एकसप्ताह में पीलिया रोग नष्ट होता है |

23.सांस रोग में आंवले का रस पीपल का चूर्ण और मधु मिलाकर सेवन करने से बहुत लाभ होता है |

24.वजन कम करने के लिए रोज आंवला खाना चाहिए डायबिटीज अगर है तो आंवला फायदेमंद है|

25.प्रतिदिन आंवला हरा आंवला खाने से हड्डियां मजबूत होती हैं|

 

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