अतिसार(दस्त) के घरेलू नुक्से | Diarrhea Loose motion symptoms in hindi

छोटी आयु में बच्चे अतिसार अर्थात दस्त से बहुत पीड़ित होते हैं वसायुक्त खाद्य पदार्थों का अधिक मात्रा में सेवन करने से अतिसार अधिक होता है अल्प आयु के शिशु को स्तनपान करते हैं वह मां द्वारा गरिष्ठ, उषण मिर्च मसालों व अम्ल रस के खाद्य पदार्थों का सेवन करने से अतिसार के शिकार होते हैं अतिसार होने पर बच्चों को बहुत अधिक हानि होने की आशंका रहती है क्योंकि अतिसार के कारण बच्चे के शरीर में जल की बहुत कमी होती है ग्रीष्म ऋतु में अतिसार के कारण जल की अधिक कमी हो जाती है और हानि होने की आशंका बढ़ जाती है अतिसार के कारण शरीर में जल की कमी से रोगी मृत्यु की कगार पर पहुंच जाता है अतिसार रोग बच्चों को बहुत कमजोर बना देता है बच्चे बिस्तर से भी नहीं उठ पाते बिस्तर पर असहाय से पड़े रहते हैं।

अतिसार के कारण मल के साथ रक्त भी निकल सकता है दूषित जल और दूषित आहार के कारण बच्चों को अतिसार रोग हो सकता है कई बार बच्चों को एलोपैथिक औषधियों के साइड इफेक्ट के रूप में अतिसार की उत्पत्ति होती है कुछ स्त्रियां बच्चों को बोतल से दूध पिलाती हैं दूध पिलाने के बाद बोतल को इधर-उधर ऐसी ही छोड़ देती हैं बोतल पर मक्खियां बैठ कर उसे दूषित कर देती हैं कुछ स्त्रियां बोतल की पूरी तरह सफाई नहीं करते जब बच्चे को दोबारा दूध पिलाती हैं तो बच्चे अनेक तरह के उदर रोगों के शिकार होते हैं सबसे अधिक बच्चे को अतिसार होता है |

गुणकारी औषधीय उपयोग

1. अतिसार रोग में बच्चे के शरीर में जल की कमी हो जाती है ऐसे में बच्चे को ओ.आर. एस. का मिश्रण देना चाहिए इस मिश्रण को घर में भी बना सकते हैं |200 ग्राम जल में एक चम्मच चीनी और थोड़ा सा नमक डालकर अच्छी तरह घोलकर थोड़ी – थोड़ी देर के बाद बच्चे को पिलाना चाहिए।

2. रोगी बच्चे को जल उबालकर, ठंडा करके ही पिलाना चाहिए | बिना जल को उबाले नहीं देना चाहिए।

3. 100 ग्राम दही में आधा केला पीसकर खिलाने से अतिसार में लाभ होता है।

4. सर्दी लगने से बच्चे को अतिसार होने पर जल के साथ थोड़ा सा जायफल घिसकर, चम्मच में उतारकर, थोड़ा सा जल मिलाकर, दिन में दो से तीन बार पिलाने से दस्त बंद होता है।

5. अनार का रस एक से दो चम्मच पिलाने से अतिसार बंद होता है दिन में कई बार पिला सकते है।

6. आम की गुठली की गिरी को जल के साथ घिसकर बच्चे को सेवन कराने से अतिसार में बहुत लाभ होता है गिरी को घिसकर नाभि पर लेप करने से भी लाभ होता है।

7. जामुन की गुठली की गिरी को पीसकर थोड़े से तक्र (मठठे) में मिलाकर रोगी बच्चे को सेवन कराने से अतिसार बंद होता है ।

8.बेल के 5 ग्राम गूदे को जल में मिलाकर, थोड़ी-सी शक्कर मिलाकर शर्बत बनाकर पिलाने से अतिसार बंद होता है ।

9.सूखी भेल सिल पर पीसकर मट्ठे में मिलाकर बच्चे को सेवन कराने से अतिसार बंद होता है ।

10.अमरूद की कोमल पत्तियों को जल में उबालकर, छानकर थोड़ा-थोड़ा पिलाने से अक्सर बंद होता है ।

11.प्याज को पीसकर नाभि पर लेप करने से थोड़ी देर में अतिसार बंद हो जाते हैं ।

12.जल के साथ जायफल को घिसकर, सौफ को पीसकर, जल मिलाकर रोगी बच्चे को दिन में दो से तीन बार पिलाने से अतिसार बंद होता है।

13.किसी बच्चे को दूध पीने से वमन और अतिसार होते हो तो उन बच्चों को सेब का रस पिलाने से बहुत लाभ होता है ।

14.सौंफ को जल में उबालकर छानकर थोड़ा-थोड़ा जल पिलाने से अतिसार में बहुत लाभ होता है अतिसार से उत्पन्न जल की कमी भी पूरी होती है।

15.चीनी और चाय पत्ती खाने से अतिसार में जल्दी आराम मिलता है दिन में सिर्फ दो बार ही खाना चाहिए।

 

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