दाद के कारण, लक्षण और उपचार : Dad ke Karan Lakshan Aur Upchar

दाद के कारण व लक्षण

त्वचा में एक विशेष प्रकार के संक्रमण को दाद या एग्जीमा कहा जाता है। इस रोग में त्वचा में तेज खुजली चलती है जिससे वह लाल हो जाती है। मोटी पपड़ी जम जाती है तथा छोटे छोटे छाले पड़ जाते हैं। यह तीन प्रकार का होता है – पहले प्रकार के एग्जीमा को शिशु एग्जीमा कहा जाता है। इसमें कुछ ही माह की आयु के शिशु के चेहरे पर चकत्ता सा दाद पड़ जाता है। जो पूरे शरीर में फैल जाता है। दूसरी प्रकार का एग्जीमा सम्पर्क एग्जीमा कहा जाता है, जो तब होता है जब कोई व्यक्ति ऐसे पदार्थ के संपर्क में आता है जिससे उसे एलर्जी है। तीसरे प्रकार का एग्जीमा संतापक एग्जीमा कहा जाता है। यह गृहणियों में अधिक होता है। यह एग्जीमा लंबे समय तक अपने शरीर को किसी विशेष पदार्थ के संपर्क में रखने से होता है। जैसे घरेलू डिटर्जेंट, सफाई के रसायन शैंपू इत्यादि।

लक्ष्मण

त्वचा में तेज व लगातार खुजली चलना दाद का सबसे प्रमुख लक्षण हैं। इसमें रोगी संक्रमित त्वचा को खुजा खुजाकर परेशान हो जाता है। त्वचा फट जाती है तथा उसमें से रक्त भी आने लग जाता है।

उपचार

पपीता : पपीते का दूध दाद पर लगाने से दाद ठीक हो जाता है।

गाजर : गाजर का बुरादा कर लें। व इस पर सेंंधा नमक डालकर सेक ले। इसके पश्चात इस बुरादे को गर्म ही बांध दे, काफी लाभ होगा। नियमित उपचार करने से दाद ठीक हो जाएगा।

अनार : अनार के छिलकों को लहसुन के साथ पीसकर दाद पर लगाने से दाद ठीक हो जाते हैं।

अनार के पत्तों को पीसकर दाद पर लगाने से भी लाभ होता है।

केला : केले के गूदे को नींबू के रस में पीसकर दाद वाले स्थान पर लगाएं। संभव है कि यह उपचार करने के बाद दाद कुछ फूल जाए लेकिन इसे नियमित लगाते रहिए, दाद ठीक हो जाएगा।

सिंघाड़ा : नींबू के रस में सिंघाड़े को घिसकर लगाएं। यह उपचार करने पर प्रारंभ में कुछ जलन होगी किंतु बाद में ठंडक पैदा हो जाएगी। सप्ताह भर नियमित रूप से यह उपचार करने पर दाद ठीक हो जाता हैं।

काजू : काजू के छिलकों का तेल दाद पर लगाने से लाभ होता है।

कटहल : कटहल के गरम पत्तों को पीसकर लगाने से दाद ठीक हो जाता है.

तरबूज : तरबूज के छिलकों की भस्म एग्जीमा  की रामबाण औषधि है। इसके लिए तरबूज के छिलकों को जलाकर उनकी राख को एक शीशी में भर लें। यदि दाद से पानी गिरता है तो सिर्फ भस्म को सरसों के तेल मे पकाकर मरहम बना लें और एग्जीमा ग्रस्त त्वचा पर लगा दें। एक ही सप्ताह में त्वचा सामान्य हो जाएगी।

संतरा : संतरे के छिलके को रूखी तरह से दाद पर रगड़ दे तथा बाद में इस पर संतरे के छिलके पीसकर लेप कर दे। 1 सप्ताह में दाद का निशान भी नहीं रहेगा तथा त्वचा अपूर्व निखार से दमक उठेगी।

बदाम : बदाम के वृक्ष के पत्ते पानी में भली प्रकार पीसकर रोग वाले स्थान पर लगाने से बहुत आराम मिलता हैं।

नींबू : दाद को खुजला कर दिन में चार बार नीबू का रस लगाने से दाद ठीक हो जाता हैं।

जमीकंद : जमीकंद की सब्जी बनाकर खाने से दाद में आराम मिलता है।

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