धनिया के फायदे/Coriander Benefits in hindi

आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के विशेषज्ञों के अनुसार धनिया का कसोला स्निग्ध हल्का कड़वा तीक्ष्ण उषण वीर्य और पाचन शक्ति को विकसित करने वाला होता है इसके सेवन से मूत्र का अवरोध नष्ट होने से मूत्र खुलकर निष्कासित होता है धनिया वात पित्त और कफ विकारों में बहुत लाभ पहुंचाता है श्वास खांसी में धनिया बहुत गुणकारी होता है शारीरिक निर्बलता को नष्ट करने के साथ ही यह अतिक्रमण को भी नष्ट करता है

धनिया के हरे पत्तों और उनके बीजों को सुखाकर दो रूपों में इस्तेमाल किया जाता है हरे धनिए को जीरा पुदीना नींबू का रस आदि मिलाकर स्वादिष्ट चटनी बनाकर सेवन करने से अरुचि नष्ट होती है भूख अधिक लगती है और पाचन क्रिया तीव्र होती है हरे धनिए की पत्तियों को सब्जी में डालकर सेवन करने से रक्त के विकार नष्ट होते हैं नेत्रों के लिए हरा धनिया बहुत गुणकारी होता है हरे धनिए को दीवार रायते में डालकर सेवन करने से भीनी भीनी सुगंध अनुभव होती है दही रायते व सब्जी का स्वाद अधिक बढ़ जाता है हरे धनिए के सेवन से पित्त की उष्णता नष्ट होती है सब्जियों को पकाने के बाद हरे धनिए को बारीक काटकर सब्जी में मिलाकर सेवन करने से उसके विटामिन पर्याप्त रूप में मिलते हैं सब्जी में पकाने से हरे धनिए के विटामिन कम हो जाते हैं।

गुणकारी औषधीय उपयोग

1. हरा धनिया वच और लोथ इन तीनों की बराबर मात्रा लेकर जल के साथ पीसकर चेहरे पर लेप करने से मुंहासे दाग धब्बे और  झुरिया नष्ट होती हैं।

2. धनिया के हरे पत्तों का रस नाक में बूंद – बूंद टपकाने से नाक से होने वाला रक्त स्त्राव अर्थात (नकसीर की विकृति) नष्ट होती है धनिया के पत्तो को पीसकर माथे पर लेप करने से भी रक्तस्त्राव बंद होता है।

3.हरा धनिया 3 ग्राम मात्रा में पीसकर उसमें मिश्री मिलाकर दूध के साथ सेवन करने से मूत्र की जलन व अवरोध नष्ट होता हैं।

4.हरे धनिये के पत्ते का रस निकालकर थोड़ी- थोड़ी मात्रा में 30-30 मिनट के अंतराल से पीने पर वमन विकृति का निवारण होता है।

5.आँवले और हरे धनिये के रस को जल में मिलाकर पीने से चक्कर आने की विकृति नष्ट होती है।

6. धनिए की पत्तियों पुदीना अंगूर या अनार के दाने काली मिर्च जीरा सेंधा नमक को मिलाकर पीसकर चटनी बनाएं इस चटनी में नींबू का रस मिलाकर भोजन के साथ सेवन करने से अरुचि नष्ट होती है भूख अधिक लगती है और पाचन क्रिया तीव्र होती है।

7. धनिया अनार और अंगूर को जल में उबालकर कवाथ बनाकर छानकर सेवन करने से नाक व मुंह से रक्त निकलने की विकृत नष्ट होती है ।

8.कोष्ठबाध्यता की विकृति होने पर धनिया सनई के पत्तों और मिश्री सभी 5 – 5 ग्राम लेकर कूट पीसकर भोजन करने के बाद जल के साथ सेवन करने से बहुत लाभ होता है।

9.वमन विकृत में हरे धनिए के साथ सेंधा नमक मिलाकर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में 20 20 मिनट के अंतराल में सेवन करने पर वमन विकृत नष्ट होती है।

10. नकसीर में हरे धनिया के पत्ते को पीसकर रस निकालने और नाक में दोनों तरफ दो-दो बूंद डालने से तथा माथे पर लेप करने से रोग में लाभ होता है।

11.अरुचि हरे धनिया की चटनी भोजन के साथ सेवन करने से अरुचि दूर होकर भूख लगती है।

12.नेत्र रोग में धनिया सूखा लहरा कोर्ट कर थोड़े पानी में उबालकर कपड़े से छान लें ठंडा करके उसकी एक एक बूंद आंखों में डालने से आंखों की जलन और पीड़ा दूर होती है।

13.जार मिटाने के बाद याद थोड़ी गर्मी शरीर में रह जाए साथ ही साथ बुखार भी हो तो भोजन में हरा धनिया की पत्ती डालकर ले दो-चार दिनों में ज्वार की शोस मिट जाती है।

14.धनिया के चोर एवं मिश्री संभाग मिलाकर एक चम्मच ठंडे पानी के साथ लेने से पेट का अफारा और दर्द दूर होता है।

15.सूखे आंवले के साथ हरे धनिया की पत्ती पीसकर सेवन करने से खांसी में आराम मिलता तो था कफ़ निकल जाता है।

16. आव दोस हरे धनिया की पत्तियां तथा सोफ़ को पानी में भिगोकर मसल छानकर पीने से आव दोष दूर हो जाता है। तथा दाह जलन प्यास मूत्र जनों एवं बेचैनी दूर हो जाती है।

17.हरा धनिया के रस में सेंधा नमक और नींबू का रस मिलाकर पीने से वमन में लाभ होता है।

18.मादक पदार्थ की नसों को उतारने के लिए हरे धनिया का रस लाभदायक होता है।

19. बार-बार प्यास लगने पर हरे धनिया की पत्ती के रस में सूखे आंवले पीस कर जलने मिलाने के बाद धनिया के रस में मिले और कपड़े से छानकर रोगी को पिलाएं इससे प्यार रुक की जाएगी कंठ का सूखना और मुंह का कड़वापन दूर होगा

20. आरुचि धनिया छोटी इलायची काली मिर्च का चूर्ण घी और शक्कर में मिलाकर लेने से आरुषि दूर होती है।

21. नेत्र ज्योति वर्धन हरे धनिया का रस 100 ग्राम तिल्ली का तेल 200 ग्राम मिलाकर उबालें तेल से जाने पर शीशी में भर लें प्रतिदिन इस तेल को सिर में लगाने से दिमाग ठंडा होकर नेत्र ज्योति बढ़ती तथा इसके निस्तार प्रयोग करने से बालों का झड़ना रूक जाता है।

22. मुंह के छाले में दुनिया की ताजा पत्तियां चबाने से मुंह के छाले ठीक होते हैं।

23. मुहासे एक चम्मच के रस में थोड़ी सी हल्दी मिलाकर  रोज रात को चेहरे पर लगाने से मुंहासे और त्वचा का रूखापन दूर होता है।

24 सांस की दुर्गंध धनिया के ताजे पत्ते चबाने से दुर्गंध ठीक हो जाता है। तथा पायरिया एवं दांत के कीड़ों से  बचाव होता है।

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