काली मिर्च/Black Pepper Benefits in Hindi

काली मिर्च का इस्तेमाल घरों में सब्जियों व व्यंजनों को स्वादिष्ट बनाने के लिए किया जाता है आयुर्वेद चिकित्सा काली मिर्च का इस्तेमाल विभिन्न रोग विकारों की औषधियां बनाने में करता है काली मिर्च के गुणों से परिचित होने के कारण कुछ स्त्री-पुरुष घरेलू औषधि के रूप में भी काली मिर्च का इस्तेमाल विभिन्न रोगों के निवारण के लिए करते हैं काली मिर्च की उत्पत्ति दक्षिण भारत में सर्वाधिक होती है केरल के वन क्षेत्र में भी काली मिर्च बहुतायत से होती है काली मिर्च की बैलों को सुपारी के वृक्षों पर चढ़ा देते हैं इसकी बेल 20 से 25 फुट से लंबी होती है बेल पर पान के पत्तों की तरह पत्ते लगते हैं बेल पर घुटनों के रूप में काली मिर्च की मंजरिया लगती हैं फिर काली मिर्च के दाने निकलते हैं काली मिर्च सफेद और काली दो तरह की होती है काली मिर्च के आधा पक जाने पर काली मिर्च सफेद हो जाती है

वनस्पति विशेषज्ञों के अनुसार काली मिर्ची पूरी तरह पक जाने पर काली मिर्च का तीखापन अपने आप कम हो जाता है महर्षि चरक के काली मिर्च को कफ काश (खांसी) और जुकाम में बहुत गुणकारी बताया है काली मिर्च वक्षस्थल में एकत्र कप (बलगम ) को निकाल देती है बवासीर और प्रमेह रोग में काली मिर्च अधिक गुणकारी होती है उदर रोग को काली मिर्च शीघ्रता से नष्ट करती है अग्नि माघ अजीर्ण यकृत विकृत (अफारा ) और श्वास रोग में काली मिर्च के सेवन से बहुत लाभ होता है स्त्रियों के ऋतुस्त्राव के अवरोध को काली मिर्च नष्ट करती है काली मिर्च शरीर के समस्त स्त्रोतों से मलो को  निष्कासित करके शोधन का कार्य करती है मलेरिया में काली मिर्च के सेवन से बहुत लाभ होता है दांतो के दर्द को काली मिर्च पलक झपकते नष्ट कर देती है नेत्र ज्योति के लिए काली मिर्च बहुत गुणकारी होता है शरीर के किसी भाग में सूजन होने पर कालीमिर्च को पीसकर लेप करने से शीघ्र शोथ का निवारण होता है।

गुणकारी औषधीय उपयोग

1. 10 ग्राम कालीमिर्च और 20 ग्राम तंबाकू को कूट पीसकर बारीक कपड़े से छानकर चूर्ण बनाकर मंजन करने से पायरिया रोग नष्ट होता है इस मंजन को बच्चों को ना करने दें तंबाकू के कारण उन्हें हानि पहुंच सकती है।

2. 2 ग्राम कालीमिर्च का चूर्ण में गुड़ मिलाकर खाने से प्रतिस्याय शीघ्र नष्ट होता है ।

3.मलेरिया में काली मिर्च के सेवन से बहुत लाभ होता है ।

4.दांतो के दर्द को काली मिर्च पलक झपकते नष्ट कर देती है ।

5.नेत्र ज्योति के लिए काली मिर्च बहुत गुणकारी होता है ।

6.शरीर के किसी भाग में सूजन होने पर कालीमिर्च को पीसकर लेप करने से शीघ्र शोथ का निवारण होता है।

7.काली मिर्च को मधुमेह में घिसकर सुबह-शाम नेत्रों में काजल की तरह लगाने से रतौंधी की विकृति नष्ट होती है।

8.काली मिर्च घी और शक्कर मिलाकर सेवन करने से अनेक नेत्र रोग नष्ट होते हैं।

9.काली मिर्च का चूर्ण सूंघने से बार-बार छीकने से जुखाम से बंद नाक खुलती है और सर दर्द भी नष्ट होता है।

10.कालीमिर्च को पीसकर दही में मिलाकर गुड़ के साथ सेवन करने से नाक से होने वाला रक्त स्त्राव बंद होता है इससे पीनस रोग भी नष्ट होता है।

11.नेत्रों की पलकों के किनारे निकलने वाली गुहेरी पर काली मिर्च को जल में पीसकर लेप करने से बहुत लाभ होता है|

12.नींबू और अदरक के 5-5 ग्राम रस में 1 ग्राम काली मिर्च का चूर्ण मिलाकर सेवन करने से पेट का दर्द शीघ्र नष्ट होता है|

13.काली मिर्च को जलाकर उसका धुआं सूंघने से हिचकियां बंद होती हैं |

14.काली मिर्च के 5 दाने मिश्री मिले दूध के साथ निगलने से तीव्र प्रतिस्वास भी नष्ट होता है |

15.काली मिर्च का 3 माशा चूर्ण लेकर उसमें मधु और घी मिलाकर चाटकर सेवन करने से सर्दी से उत्पन्न प्रतिस्वास शिरः  शूल नष्ट होता है सर्दी से उत्पन्न वक्षस्थल का शूल भी नष्ट होता है कप भी सरलता से निकलता है|

16.काली मिर्च को घी में घिसकर बूंद बूंद नाक में टपकाने से आधा सीसी (माइग्रेन) का शूल नष्ट होता है |

17.काली मिर्च, पीपल, जीरा , सेंधा नमक और सोठ सभी चीजें बराबर मात्रा में लेकर कूट पीसकर चूर्ण बना लें इसमें से 2 माशे चूण भोजन के बाद जल के साथ सेवन करने से मंदाकिनी (पाचन शक्ति की क्षीणता ) नष्ट होती है |

18.काली मिर्च का चूर्ण मधु के साथ प्रतिदिन सेवन करने से शारीरिक स्थूलता धीरे – धीरे नष्ट होती है |

19.काली मिर्च तुलसी के पत्तों का रस और मधु एक साथ मिलाकर दिन में दो तीन बार सेवन करने से विषम ज्वर (मलेरिया ) में बहुत लाभ मिलता है |

20.काली मिर्च के 5 दाने अजवाइन 1 ग्राम और हरी गिलोय 10 ग्राम लेकर सबको 100 ग्राम जल में उबालकर छानकर सुबह-शाम पीने से मलेरिया बुखार नष्ट होता है |

21.काली मिर्च को जल में उबालकर छानकर उस जल से गरारे करने से स्वरभंग (गले बैठने ) और दातों का शूल नष्ट होता है | सर्दी के प्रकोप से उत्पन्न कंठ शूल गले का दर्द शीघ्र नष्ट होता है |

22.काली मिर्च को प्याज व नमक के साथ पीसकर सर के बालों में लगाने से दाह खुजली के कारण झड़ने वाले बालों की सुरक्षा होती है |

23.काली मिर्च और शरीफे के बीज पीसकर घी में मिलाकर बालों में लगाने और 1 से 2 घंटे बाद सिर धोने से जुए नष्ट होते हैं |

24.काली मिर्च का चूर्ण 1 ग्राम मात्रा में मट्ठे के साथ सुबह-शाम सेवन करने से 1 सप्ताह में उदर कृमि नष्ट होता है |

25.काली मिर्च के 10 दानों को 300 ग्राम दूध में देर तक उबालकर काली मिर्च के दाने चबाकर खाने और दूध पीने से वीर्य विधि होती है |

26.मक्खन और काली मिर्च का चूर्ण तथा मिश्री मिलाकर प्रतिदिन सेवन करने से स्मरण शक्ति विकसित होती है|

 

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