करेला के फायदे/ Bitter Gourd benefits in hindi

करेला ग्रीष्म ऋतु और वर्षा ऋतु में सभी जगह मिलने वाली गुणकारी सब्जी है कड़वा होने के कारण कुछ स्त्री पुरुष और बच्चे करेले की सब्जी खाना पसंद नहीं करते हैं लेकिन करेले का कड़वापन ही इसका सबसे बड़ा गुण होता है कड़वापन के कारण करेला मधुमेह रोग में सबसे अधिक लाभ पहुंचाता है आयुर्वेदिक चिकित्सा में करेले के रस का सेवन करने से यकृत विकृत में लाभ होता है अधिकांश परिवारों में करेले का सेवन सब्जी व अचार के रूप में किया जाता है।

चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार करेले के फलों के अलावा पति भी रोग विकारों को नष्ट करने में इस्तेमाल किए जाते हैं करेली की सब्जी सेवन करने से रक्त शुद्ध होने से रक्त विकार नष्ट होता है मधुमेह रोगियों के लिए करेली की सभी और रस बहुत गुणकारी होता है करेले के रस के सेवन से पथरी नष्ट हो जाती है करेला कोड को नष्ट करके अर्श रोग का निवारण करता है करेली की सब्जी बरस के सेवन से पाचन शक्ति विकसित होती है इसके सेवन से कब्ज व वायु विकार नष्ट होता है रक्ताल्पता में भी करेले बहुत लाभ पहुंचाते हैं डॉक्टरों के अनुसार खाज खुजली व कुष्ठ रोग में करेले बहुत गुणकारी होते हैं साथ ही उधर की क्रीमिया को भी नष्ट करते हैं।

गुणकारी औषधीय उपयोग

1. करेला डायबिटीज के रोगी स्त्री पुरुषों के लिए सबसे गुणकारी औषधि है करेली की सब्जी बनाकर प्रतिदिन सेवन करने से मधुमेह रोग में बहुत लाभ होता है करेले का रस 15 से 20 ग्राम पीने से बहुत लाभ होता है।

2. करेले के पत्तों के 30 ग्राम रस में थोड़ी सी हींग मिलाकर पीने से मूत्र तीव्र गति से निष्कासित होता है और मूत्रावरोध शीघ नष्ट होता है।

3. करेले का रस 5 से 8 ग्राम मात्रा में लेकर उसमें थोड़ी सी शर्करा मिलाकर सेवन करने से अर्श रोग में बहुत लाभ होता है अर्श रोग में रक्त स्त्राव भी बंद होता है।

4. करेले के पत्ते की क्वाथ के सेवन से स्त्रियों के स्तनों में दूध की बिर्द्धि होती है।

5. करेले की जड़ को घिसकर या पीसकर अरशद रोक के मस्सों पर लेप करने या बांधने से शीघ्र लाभ होता है।

6.करेले की सब्जी बनाकर खाने व रस का सेवन करने से स्त्रियों के ऋतु स्त्राव संबंधी विकार नष्ट होते हैं ऋतु स्त्राव नियत समय पर होता है ।

7.करेले का रस सेवन करने से सजा हुआ रक्त विकार संबंधी रोगों में बहुत लाभ होता है ।

8.करेले का रस प्रतिदिन सेवन करने से पथरी की विकृत नष्ट होती है ।

9.करेले के रस में काली मिर्च और सेंधा नमक मिलाकर दोपहर के भोजन के साथ सेवन करने से जिगर के अनेक विकार नष्ट होते हैं।

10. करेले का 30 ग्राम 10 दिन में दो बार जल मिलाकर सेवन करने से जलोदर रोग में बहुत लाभ होता है ।

11.करेले का रस जल में मिलाकर सेवन करने से रक्त शुद्ध होता है रक्त विकृति से उत्पन्न त्वचा के रोग व खाज खुजली फुंसियों से मुक्ति मिलती है ।

12.पक्षाघात के रोगियों को करेले की सब्जी खिलाने से लाभ होता है ।

13.करेले का रस प्रतिदिन पीने से पथरी नष्ट होती है और मूत्र के साथ सरलता से निष्कासित होती है गुर्दे की पथरी को नष्ट करने के लिए करेले का रस गुणकारी औषधि है ।

14.पांव में जलन होने पर करेले के रस से मालिश करने से जलन नष्ट होती है ।

15.पलीहा विधि में करेले का रस 1520 ग्राम मात्रा में दिन में दो तीन बार सेवन करने से बहुत लाभ होता है ।

16.आग से जल जाने पर करेले को पीसकर चले भाग पर लेप करने से जलन और पीड़ा नष्ट होती है करेले का रस बूंद बूंद पानी से भी लाभ होता है ।

17.अस्थमा के रोगियों को करेले की सब्जी प्रतिदिन खाने से बहुत लाभ होता है।

18.छोटे बच्चों को करेली की सब्जी अवश्य खिलानी चाहिए क्योंकि इसमें फास्फोरस पर्याप्त मात्रा में होता है और फास्फोरस मस्तिष्क के लिए बहुत लाभदायक होता है।

 

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