भूख न लगने के कारण, लक्षण और उपचार : Bhukha Na Lagne Ke Karan Lakshan Aur Upchar

भूख न लगाने के कारण व लक्षण

असमय भोजन करने, नशा करने, तेल व मिर्च के पदार्थों के अधिक सेवन के कारण व्यक्ति को भूख नहीं लगने का रोग हो जाता है। वैसे यह कोई रोग नहीं परंतु इसकी वजह से व्यक्ति कमजोर हो जाता है तथा उसके शरीर में पोषक पदार्थ की कमी हो जाती है।

उपचार

इमली : भूख नही लगने की स्थिति में इमली को उबाल व छानकर, ठंडा करके पीने से काफी लाभ होता है। यदि इस रस में 1 लौग, काली मिर्च और इलायची मिला दी जाए तो इसके गुणों में वृद्धि हो जाती है।

अनार : पाचन संबंधी रोगों में अनार काफी उपयोगी सिद्ध होता है। इसके प्रयोग से भूख बढ़ती है तथा यहां पाचन शक्ति को दुरुस्त कर देता है।

फालसा : सेंधा नमक और काली मिर्च को फालसे के साथ मिलाकर खाने से भूख बढ़ती है।

किशमिश : किशमिश, छुहारे व इमली की चटनी को भोजन के साथ खाने से अरुचि दूर हो जाती है।

अदरक : आधा चम्मच अदरक का रस व आधा चम्मच शक्कर दोनों को मिलाकर भोजन के बाद लें। इससे भूख बढ़ेेगी।

1 से 3 ग्राम अदरक को छील कर खूब अच्छी तरह साफ कर बारीक कतर कर और इसमें थोड़ा सेंधा नमक मिलाकर भोजन से आधा घंटा पहले लें। ऐसा करने से भूख खुल जाती है।

खुबानी : खुबानी का गूद आंतों को नरम बनाकर उनमें फंसा हुआ पुराना मल बाहर निकाल देता है। इसीलिए कब्ज के समय इसका उपयोग उपयुक्त औषधि है।

आलूबुखारा : आलू बुखारा के प्रयोग से भूख में वृद्धि होती है तथा इसका विशेष रस भोजन को पचने में सहायता करता है।

नींबू : एक गिलास पानी में एक नींबू निचोड़कर पीएंं। स्वादानुसार नमक डाल जा सकता है। इससे भूख में वृद्धि होगी व अपच दूर होगी।

खीरा : भोजन के पूर्व खीरा, प्याज का सलाद के पत्ते में काला नमक व नींबू का रस मिलाकर सेवन करने से भूख खुलती है तथा पाचन रसों की उत्पत्ति होती है।

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