बांझपन के कारण लक्षण और उपचार : Bhanjhpan Ke Karan Lakshan Aur Upchar

बांझपन के कारण

बांझपन का कारण पुरुष के वीर्य में शुक्राणुओं की कमी या स्त्री के शरीर में डिंंब का निर्माण न होना या फेलोपियन नलिकाओ का अवरुद्ध होना हो सकता है। इसके अलावा पति-पत्नी  निरंतर संभोग न करना भी बांझपन का कारण हो सकता है। यदि स्त्री की गर्भग्रीवा शुक्राणुओं को स्वीकार न कर पा रही हो तब भी बांझपन की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।

लक्ष्मण

दंपति यदि 1 वर्ष तक बिना किसी गर्भनिरोधक के संभोग करते हैं और फिर भी गर्भधारण नहीं होता हो – यही बांझपन का प्रमुख लक्षण हैं।

उपचार

केला : केले के पेड़ से जो कोमल फलियां प्रातः  नीचे गिर जाती हैं, उन्हें संग्रह करके रख ले। इन 5 – 7  फलियों को शिवलिंगी के उतने ही बीजों के साथ पीसकर यदि बांझ स्त्री रजोधर्म के तीसरे दिन खाए तो वह एक – दो माह के भीतर ही गर्भवती हो सकती हैं। तथा उसका बांझपन दूर हो सकता हैं। इन प्रयोग को प्रतिमाह 5 -6 दिनों तक करना चाहिए।

कायफल : कायफल को महीन पीस लें। पीसने के बाद इस चूर्ण को बेहद बारीक कपड़े से छानकर अलग कर ले। इसके पश्चात इस बारीक चूर्ण में इतनी ही मात्रा में शक्कर मिलाकर रख लें। मासिक स्त्राव के बाद 3 दिन तक इस चूर्ण को हथेली में रखकर खाएं। इसके साथ दूध व भात का पथ्य ले। इस उपचार से गर्भ ठहरने की संभावना रहती है।

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