कटि शूल (कमर दर्द) के घरेलु उपचार | Back Ache (Laryngitis) in Hindi

30 वर्ष की आयु को पार करते-करते कुछ नवयुवतियों की कमर में दर्द होने लगता है। कटि शूल अर्थात कमर में दर्द कभी तो एक-दो दिन में स्वयं नष्ट हो जाता है और कुछ स्त्रियां अधिक समय तक कटि शूल से पीड़ित रहती हैं। शीत ऋतु में ठंडी वायु के प्रकोप और शीतल खाद्य-वस्तुओं के अधिक सेवन से कटि शूल होता है।

कटि शूल की उत्पत्ति क्यों होती है?

चिकित्सा विशेषज्ञ मानसिक विकारों, अधिक चिंता, शोक, क्रोध, अधिक सहवास को भी कमर दर्द की उत्पत्ति का कारण मानते हैं। रुक्ष, शीतल खाद्य-पदार्थ और प्रकति विरुद्ध आहार, सर्दियों में दही का अधिक सेवन करने से कमर में दर्द होने लगता है।
रात्रि के समय शीत ऋतु में रोगी को अधिक पीड़ा होती है। रोगी को खड़े होने और बैठने में भी बहुत दर्द होता है। बस में यात्रा करना व स्कूटर पर कहीं जाना भी मुश्किल हो जाता है। स्थूल स्त्रियों की कमर में अधिक दर्द होता है।’

गुणकारी घरेलु नुस्खे

1. शीत ऋतु में अधिक शीतल वातावरण से उत्पन्न कटि शूल एरंड के पत्तों पर तेल लगाकर कमर में बांधकर हल्का-सा सेंकने से नष्ट हो जाता है।

2. 1 किलो दूध में 6 माशे पिप्पली, 4 माशे सोंठ और 1 माशा केसर डालकर उबालें। रोगी को थोड़ा-थोड़ा उष्ण दूध पिलाने से कटि शूल नष्ट होता है।

3. वात (वायु) विकार से उत्पन्न कटि शूल लहसुन की कलियां दूध या गर्म जल के साथ निगलने से नष्ट होता है|

4. गुग्गल को जल में उबालकर कटि पर लेप करने से शूल नष्ट होता है।

5. चक्रमर्द के बीजों को तवे पर सेंककर, कूट-पीसकर चूर्ण बनाएं। 2 ग्राम चूर्ण घी व गुड़ मिलाकर सेवन करने से कटि शूल से मुक्ति मिलती है।

6. सोंठ का चूर्ण 3 ग्राम मात्रा में दिन में दो बार हल्के उष्ण जल से सेवन करने पर कटि शूल का निवारण होता है|

7. असगंध नागौरी और सुरजान मीठी 50-50 ग्राम, सोंठ 25 ग्राम, मिसरी 100 ग्राम सबको कूट-पीसकर बारीक चूर्ण बनाकर रखें। इसमें से 5 ग्राम चूर्ण प्रातः और 5 ग्राम चूर्ण सायं को जल से सेवन करने पर कटि शूल नष्ट होता है |

8. लहसुन को छीलकर जल में डालकर रख दें। प्रातः उसमें काला नमक, भुनी हींग, सेंधा नमक, सोंठ, मरिच, पीपर, अजवायन, जीरा सभी 5-5 ग्राम चूर्ण करके मिलाएं। इस मिश्रण में से 6 माशे की मात्रा को एरंड की जड़ के क्वाथ से लेने पर कटि शूल नष्ट होता है।

9. तम्बाकू के पत्तों पर हल्का सा तेल लगाकर कमर पर बांधने से कटि शूल नष्ट होता है |

10. तेजपात 1 तोला, अजवायन 1 तोला और सौंफ 6 माशे को कूट-पीसकर । किलो जल में उबालकर क्वाथ बनाएं। जल 100 ग्राम शेष रह जाए तो ठंडा करके पीने से कटि शूल नष्ट होता है।

11. अजवायन, मेथी, शुण्ठी प्रत्येक 50-50 ग्राम लेकर कूट-पीसकर चूर्ण बनाकर रखें। 2 ग्राम चूर्ण दिन में दो बार हल्के उष्ण जल से लेने पर कटि शूल नष्ट होता है |

12. गवारपाठा की 20 ग्राम मज्जा में मधु व सोंठ का चूर्ण 2 ग्राम मिलाकर सेवन करने से कटि शूल नष्ट होता है।

13. एरंड की जड़ और सोंठ को जल में उबालकर क्वाथ बनाएं। क्वाथ को छानकर उसमें भुनी हींग व काला नमक मिलाकर पीने से वायु विकार से उत्पन्न कटि शूल नष्ट होता है।

14. अश्वगंधा, पीपल के फल और संहिजन का गोंद तीनों 1-1 ग्राम लेकर, उसमें 3 ग्राम सोंठ डालकर गाय के दूध में उबालकर प्रातः और सायं पीने से कटि शूल नष्ट होता है।

15. 5 ग्राम सोंठ का चूर्ण 200 ग्राम दूध में उबालकर, चीनी मिलाकर पीने से कटि शूल नष्ट होता है।

16. सरसों के तेल में लहसुन की कलियां डालकर देर तक पकाएं। जब कलियां जल जाएं तो उस तेल को छानकर कमर पर मालिश करने से शूल का निवारण होता है |

17. अश्वगंधा और सोंठ 10-10 ग्राम मात्रा में लेकर कूट-पीसकर चूर्ण बनाकर रखें। 3 ग्राम चूर्ण प्रातःकाल हल्के गर्म दूध के साथ सेवन करने से कटि शूल नष्ट होता है।

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