बच्चों के पसली चलने के कारण लक्षण और उपचार : Bachcho Ke Pasali Chalne Ke Karan Lakshan Aur Upchar

बच्चों के पसली चलने के कारण व लक्षण

बच्चों को सर्दी लग जाने के कारण उनकी पसली चलने लग जाती है। इस रोग में बच्चों को छीकें आती रहती हैं व नाक बहने लगती है तथा सांस तेज चलने लगती है। बच्चा रोता रहता है तथा चुप कराने पर भी आसानी से चुप नहीं होता।

उपचार

अरंडी का तेल :  बच्चे के पेट में अरंडी के तेल की मालिश करके ऊपर से बकायन की पत्ती गर्म करके बांधने से पसली का चलना रूक जाता है।

मुनक्का : मुनक्का एक दाना, काकड़ासिंगी 3 रत्ती और आधा रत्ती दालचीनी मिलाकर शुद्ध शहद के साथ बालक को चटाने से खांसी में काफी लाभ होता है व पसली चलना भी रुक जाता है।

बेल : बेल के पत्ते को पीसकर बच्चे की पसलियों पर लेप करने से पसली चलना बंद हो जाता है।

बेल की जड़, छाल, पत्ते, नागरमोथा, त्रिफला और कटेरी की पांच – पांच ग्राम मात्रा लेकर 100 ग्राम पानी में काढ़ा तैयार कर लें। काढ़ा तैयार करते समय पानी को अच्छी तरह उबालें। थोड़ा सा गुड़ मिलाकर एक चम्मच काढ़ा 10 – 10 मिनट के अंतराल से बच्चे को पिलातेे रहे। इससे बच्चे को काफी आराम मिलेगा।

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