प्राचीन ओलम्पिक खेल के बारे मे तथ्य : Ancient Olympic Games About Facts In Hindi

प्राचीन ओलंपिक खेलों के विषय में ऐसा माना जाता है कि यह खेल 776 बी.सी. से 394 ए. डी. तक वहां के निवासियों का खेलों के प्रति रुझान एवं उनका मनोरंजन करते रहे हैं। ओलंपिक खेलों का उद्भव कब और क्यों हुआ? यह संदर्भ में अनेक विद्वानों ने अपने-अपने मत प्रस्तुत की है, जो इस प्रकार हैं –

Ancient Olympic Games In Hindi

1-  कुछ लोगों का ऐसा मानना है कि पीलाप्स तथा राजा एनामस के बीच रथो की दौड़ आरंभ हुई थी।

2- कुछ विद्वानों का मत है कि यूनान में ओलंपिक खेलों का प्रारंभ हो गया उसी समय देवी देवताओं के मध्य पृथ्वी पर कब्जे को लेकर कुश्ती हुई थी।

3- ऐसा माना जाता है कि यूनान में ओलम्पिया नाम के स्थान पर अपने इष्ट देवी देवताओं को प्रसन्न करने के लिए रात के समय चांद की दूधिया रोशनी में ये खेल प्रति 4 वर्ष बाद होते थे। इन खेलों का आयोजन अगस्त अथवा सितंबर के माह में किया जाता था।

4- कुछ विद्वानों का ऐसा मानना है कि हरक्यूलिस ने जब राजा पीलाप्स पर विजय प्राप्त की। उस विजय की खुशी मनाने के लिए इन खेलों का आयोजन किया गया।

5- कुछ लोगों का यह विचार हैं कि ओलम्पिक खेल एलिस के राजा इफिटियस ने उस समय की राजनैतिक दशा से परेशान होकर यूनान के नगर राज्यों के आपसी युद्ध के कारण प्रारम्भ किये।

ओलम्पिक खेलों के नियम ( Rules of Olympic Games )

ओलंपिक खेलों में भाग लेने के लिए प्रतियोगियों के लिए कुछ नियम बनाए गए थे और ये नियम एक काँसे की तस्तरी पर अंकित किये गये थे, जो इस प्रकार हैं –

1- खिलाड़ी केवल यूनानी हो और उसे पूर्ण रूप से हेलेनिक नस्ल का होना चाहिए। शारीरिक रूप से स्वस्थ एवं हृष्ट पुष्ट होना चाहिए।

2- यूनान देश से बाहर का, दास अथवा दण्ड या सजा भोगने वाला कोई भी व्यक्ति खेलों में हिस्सा नहीं ले सकता।

3- विवाहित स्त्रियों को खेलों में भाग लेना तो दूर अपितु उनका खेल देखने पर भी पूर्ण रूप से प्रतिबंध था।

4- किसी भी व्यावसायिक खिलाड़ी को खेलों में भाग लेने से अनुमति नहीं थी। इसमें केवल एमेच्योर ही भाग ले सकते थे।

5- खेल आरंभ होने के समय भी यदि कोई व्यक्ति किसी खिलाड़ी पर किसी प्रकार का दोष सिद्ध कर देता अथवा कोई आपत्ति प्रकट करता तो उस खिलाड़ी को खेलों में भाग लेने से रोक दिया जाता था।

6- खेल प्रारंभ होने से एक माह पूर्व इन खिलाड़ियों को ओलम्पिया मे ही रहना पड़ता था।

7- एक माह खेलों की तैयारी खेलों के जानकर अथवा जज जिसे हैलानोडिकाय कहा जाता था।

Leave a Reply

Your email address will not be published.