अनार के फ़ायदे व नुक्सान / Anar ke Fayde in hindi

अनार बहुत स्वादिष्ट और गुणकारी फल होता है उदर रोगों से सुरक्षा और रक्त की वृद्धि के लिए अनार में अनेक गुणकारी तत्व पाए जाते हैं अनार खाने व रस पीने से मस्तिष्क को भरपूर शक्ति मिलती है और स्मरण शक्ति विकसित होती है अनार वायु पित्त एवं कफ से उत्पन्न होने वाले सभी रोग विकारों को नष्ट करता है रक्ताल्पता (एनीमिया) के रोगियों के लिए अनार सबसे गुणकारी औषधि है अनार का रस पीने से कुछ ही दिनों में रक्त की वृद्धि होने से रक्ताल्पता (रक्त की कमी) नष्ट होती है हृदय रोग से पीड़ित स्त्री पुरुषों को अनार से बहुत लाभ मिलता है।

आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति में अनार के फूल, पत्ते, छाल और जड़ को विभिन्न रोग विकारो को नष्ट करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है गर्भावस्था में स्त्रियों को अनार खिलाने से वा रस पिलाने से भरपूर शक्ति मिलती है अनार का रस आहार (खाने) को जल्दी पचाता है और वमन विकृति (पेट की खराबी) को नष्ट करता है अनार से गुणकारी और शीतलता प्रदान करने वाला स्वादिष्ट शर्बत भी बनाया जाता हैं। ग्रीष्म ऋतु मैं अनार का शरबत उष्णता को नष्ट करके शरीर को शीतलता प्रदान करने के साथ ही व्याकुलता को दूर करता है नेत्रों की जलन की नष्ट होती है रखता बिहार में अनार का रस गुणकारी औषधि की तरह रक्तस्त्राव को बंद करता है यकृत के विकारों को अनार बहुत लाभ पहुंचाता है|

गुणकारी औषधीय उपयोग

1. अनार के ताजे पत्तों का 10 ग्राम रस 100 ग्राम जल में मिलाकर पीने से हृदय की तीव्र धड़कन में बहुत लाभ होता है इसे सुबह-शाम सेवन करना चाहिए.|

2. 50 ग्राम अनार के रस में छोटी इलायची के बीजों का चूर्ण और सोंठ का चूर्ण आधा-आधा ग्राम मिलाकर पीने से मूत्र घाट (मूत्र की जलन) कम होती है|

3. अनार का रस 10 ग्राम मात्रा में लेकर उसमें भुना हुआ सफेद जीरा 5 ग्राम और गुड़ मिलाकर दिन में 2 बार सेवन करने से अजीर्ण की विकृति नष्ट होती है|

4. अनार की ताजी कोमल कलियां पीसकर जल में मिलाकर छानकर पीने से गर्भधारण की क्षमता विकसित होती है।

5.अनार खाने और रस पीने से शारीरिक पीड़िता नष्ट होती है और रक्ताल्पता एनीमिया रोग से मुक्ति मिलती है।

6.अनार का रस पीने से गर्भवती स्त्रियों की वमन विकृति नष्ट होती है।

7.अनार के 50 ग्राम रस में लौंग, सोंठ, जयफर का 3 ग्राम चूर्ण मिलाकर मधु डालकर सेवन करने से संग्रहणी रोग नष्ट होता है।

8.अनार के 100 ग्राम रस में काली मिर्च का चूर्ण और सेंधा नमक मिलाकर पीने से पेट का दर्द नष्ट होता है।

9.अनार के पत्तों या दानों कर रस नाक में बूंद-बूंद कटप्पा ने से नाक से होने वाला रक्त स्त्राव बंद होता है।

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